
जिम्बाब्वे दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया है जो अपने नागरिकों को वर्ष में केवल दो बार इंजेक्शन के माध्यम से एचआईवी सुरक्षा प्रदान कर रहा है। इस मिशन की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
दो खुराक, पूरे साल सुरक्षा: यह दवा एक लॉन्ग-एक्टिंग (लंबे समय तक असर करने वाला) इंजेक्शन है। इसे साल में केवल दो बार लेना पड़ता है, जिससे दैनिक दवा खाने की परेशानी खत्म हो जाती है।
उच्च जोखिम समूहों पर ध्यान: पहले चरण में 46,500 से अधिक उन लोगों को लक्षित किया गया है जिन्हें संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा है। इसमें विशेष रूप से युवा महिलाएं, गर्भवती माताएं और स्तनपान कराने वाली महिलाएं शामिल हैं।
निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा: सरकार द्वारा यह जीवन रक्षक इंजेक्शन पात्र लोगों को पूरी तरह मुफ्त (Free) उपलब्ध कराया जा रहा है।
दो चरणों में क्रियान्वयन: वितरण का पहला चरण शुरू हो चुका है, जबकि छह महीने के अंतराल के बाद इसका दूसरा चरण शुरू किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: इस परियोजना को अमेरिकी राष्ट्रपति की एड्स राहत आपातकालीन योजना (PEPFAR) और वैश्विक कोष (Global Fund) का वित्तीय और रणनीतिक समर्थन प्राप्त है।
उम्मीद की नई किरण: जिम्बाब्वे, जिसने पिछले दो दशकों में एचआईवी के कारण हजारों अपनों को खोया है, अब इस दवा के माध्यम से संक्रमण की दर को काफी हद तक धीमा करने की उम्मीद कर रहा है।
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