
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने आज डोना पाउला में विश्व महासागर विज्ञान कांग्रेस 2026 का औपचारिक उद्घाटन किया। यह सम्मेलन भारत की समुद्री शक्ति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्य विषय (Theme): इस वर्ष की कांग्रेस ‘महासागर स्वास्थ्य और सतत भविष्य’ (Ocean Health and Sustainable Future) के विजन पर आधारित है।
रणनीतिक फोकस: चर्चा का मुख्य केंद्र महासागरों का स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन से लड़ने की क्षमता, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (Eco-system) और ‘सतत नीली अर्थव्यवस्था’ (Sustainable Blue Economy) को बढ़ावा देना है।
आर्थिक और सामाजिक महत्व: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत की 25% आबादी तटीय क्षेत्रों में निवास करती है। उनके लिए मत्स्य पालन, पर्यटन और समुद्री संसाधनों का सही प्रबंधन आजीविका का मुख्य आधार है।
अनुसंधान पर ज़ोर: समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए CSIR-NIO (राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान) और NCPOR (राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान केंद्र) जैसे शीर्ष संस्थानों की मदद से रिसर्च को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया गया।
विरासत और नवाचार का मेल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपनी प्राचीन समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर दुनिया को व्यावहारिक समाधान देने के लिए तैयार है।
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‘World Ocean Science Congress 2026’
