
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद देश के विकास और क्षेत्रीय आकांक्षाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी साझा की। प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. केरल की नई पहचान: ‘केरलम’ बनने का रास्ता साफ
नाम परिवर्तन: केंद्र सरकार ने केरल राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर ‘केरलम’ करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है।
संवैधानिक प्रक्रिया: इस प्रस्ताव के तहत ‘केरल-नाम परिवर्तन विधेयक, 2026’ को राष्ट्रपति द्वारा राज्य विधानसभा के पास फीडबैक के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए संसद में पेश किया जाएगा।
जनाकांक्षा: यह निर्णय केरल विधानसभा द्वारा 24 जून 2024 को सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के सम्मान में लिया गया है।
2. रेलवे और कनेक्टिविटी का विस्तार
मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में ₹9,072 करोड़ की लागत से तीन बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
नेटवर्क क्षमता: इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में 307 किलोमीटर की वृद्धि होगी, जिसमें प्रमुख लाइनों का दोहरीकरण और तीसरी-चौथी लाइनों का निर्माण शामिल है (लक्ष्य: 2030-31)।
श्रीनगर एयरपोर्ट: कश्मीर घाटी में हवाई संपर्क सुधारने के लिए ₹1,677 करोड़ की लागत से 73 एकड़ में फैले नए सिविल एन्क्लेव को विकसित किया जाएगा।
3. शहरी परिवहन और कृषि प्रोत्साहन
गुजरात मेट्रो विस्तार: गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक मेट्रो के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का विस्तार होगा। ₹1,067 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में तीन नए स्टेशन बनेंगे।
जूट किसानों को तोहफा: विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट (TD-3 ग्रेड) का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर ₹5,925 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
4. ‘सेवा तीर्थ’ और विकसित भारत का विजन
सुशासन का केंद्र: कैबिनेट ने ‘सेवा तीर्थ’ को जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन का वैश्विक मॉडल बनाने का संकल्प लिया है।
लक्ष्य 2047: सरकार ने ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र के साथ 2047 तक भारत को एक समृद्ध, सक्षम और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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