
भारतीय नौसेना के सबसे बड़े बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘मिलन 2026’ का समापन विशाखापत्तनम के तट पर एक ऐतिहासिक समारोह के साथ हुआ। इस अभ्यास की मुख्य विशेषताएं नीचे दी गई हैं:
आईएनएस विक्रांत पर विदाई: इस मेगा इवेंट का समापन समारोह भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) के विशाल डेक पर आयोजित किया गया, जो भारत की समुद्री शक्ति का प्रतीक है।
ऐतिहासिक भागीदारी: इस वर्ष का अभ्यास अब तक के सबसे बड़े संस्करणों में से एक रहा, जिसमें कुल 42 युद्धपोत और पनडुब्बियों ने हिस्सा लिया।
आसमानी ताकत: समुद्र के साथ-साथ आसमान में भी अपना लोहा मनवाते हुए, इस अभ्यास में विभिन्न देशों के 29 लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने अपनी युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
वैश्विक कूटनीति: भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘सागर’ (SAGAR) पहल को मजबूती देते हुए, इसमें मित्र देशों के 18 विदेशी जहाजों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
अभ्यास का उद्देश्य: ‘मिलन 2026’ का मुख्य लक्ष्य भाग लेने वाले देशों की नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति विकसित करना था।
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(‘MILAN 2026’ concludes with a grand finale in Visakhapatnam)
