76 वर्षों का अटूट पराक्रम और गौरवशाली इतिहास (VAJRA CORPS)

VAJRA CORPS

आज भारतीय सेना की प्रतिष्ठित वज्र कोर (Vajra Corps) ने अपनी स्थापना के 76 वर्ष पूरे कर लिए हैं। सात दशकों से अधिक समय से राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा में समर्पित इस कोर का इतिहास साहस और बलिदान की अनकही कहानियों से भरा है।

इस विशेष अवसर पर वज्र कोर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ:

  • स्वतंत्र भारत की पहली कोर: 1950 में स्थापित, वज्र कोर को स्वतंत्रता के बाद गठित होने वाली भारतीय सेना की पहली कोर होने का गौरव प्राप्त है।

  • ऐतिहासिक युद्धों में भूमिका: पश्चिमी मोर्चे की ढाल मानी जाने वाली इस कोर ने 1965 और 1971 के युद्धों में दुश्मन के दांत खट्टे किए। डोगराई, बरकी और खेमकरण की ऐतिहासिक जीत इसकी वीरता का प्रमाण हैं।

  • सम्मान और पदकों की गूंज: अपनी विशिष्ट सेवा के लिए इस कोर को अब तक 25 युद्ध सम्मान, 4 मानद उपाधियाँ और 38 थिएटर सम्मान मिल चुके हैं, जो इसकी परिचालन उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।

  • संकट के समय ढाल: केवल युद्ध ही नहीं, बल्कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन राहत’ जैसे अभियानों के माध्यम से आपदा के समय नागरिक प्रशासन की मदद करने में भी इस कोर ने उच्च स्तरीय दक्षता दिखाई है।

  • ‘पंजाब का रक्षक’: सीमावर्ती राज्य पंजाब की सुरक्षा और वहां की शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देने के कारण इसे ‘पंजाब के रक्षक’ के विशेष नाम से जाना जाता है।

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    ((VAJRA CORPS))

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