
चर्चा में क्यों?
मार्च 2026 में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में CSW के 70वें सत्र (CSW-70) का आयोजन किया जा रहा है। भारत की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने इस सम्मेलन में भाग लिया और ‘ग्लोबल साउथ’ में महिला सशक्तिकरण के लिए भारत के प्रयासों और IBSA फंड की भूमिका पर ज़ोर दिया।
प्रमुख बिंदु
परिचय: CSW संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) का एक कार्यात्मक आयोग है। यह विशेष रूप से लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाला प्रमुख वैश्विक नीति-निर्माता निकाय है।
स्थापना: इसकी स्थापना 21 जून 1946 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के राजनीतिक, आर्थिक, नागरिक, सामाजिक और शैक्षिक अधिकारों को बढ़ावा देना है।
सदस्यता: इसमें दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से 45 सदस्य देश शामिल होते हैं, जिनका चुनाव चार साल की अवधि के लिए किया जाता है।
प्रमुख कार्य: * बीजिंग घोषणा (1995) के कार्यान्वयन की समीक्षा करना।
महिलाओं के अधिकारों से संबंधित वैश्विक मानकों को निर्धारित करना।
सतत विकास लक्ष्यों (SDG-5: लैंगिक समानता) की प्रगति की निगरानी करना।
CSW-70 (2026) का महत्व: इस वर्ष का सत्र विशेष रूप से डिजिटल अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और शांति स्थापना में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका पर केंद्रित है।
भारत का योगदान: भारत शुरू से ही CSW का सक्रिय सदस्य रहा है। भारत ने कार्यस्थलों पर सुरक्षा, पोषण (पोषण अभियान) और वित्तीय समावेशन (जन धन योजना) के माध्यम से महिलाओं की स्थिति सुधारने के अपने ‘बिहार मॉडल’ और राष्ट्रीय मॉडलों को वैश्विक मंच पर साझा किया है।
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(Commission on the Status of Women (CSW): Global platform for gender equality)
