
चर्चा में क्यों?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में घोषणा की है कि सरकार वर्ष 2033 तक देश के प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) कवरेज प्रदान करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
प्रमुख बिंदु
ग्राम पंचायत इकाई: भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने नए नियम अधिसूचित किए हैं, जिसके तहत अब ग्राम पंचायत को बीमा कवरेज मापने की मूल इकाई माना जाएगा। इसके लिए 25,000 ग्राम पंचायतों में एक व्यापक ग्रामीण पहुँच योजना शुरू की गई है।
वर्तमान स्थिति: भारत में प्रति व्यक्ति बीमा प्रीमियम वर्तमान में मात्र 97 डॉलर है, जो वैश्विक औसत (943 डॉलर) की तुलना में काफी कम है। हालांकि, भारतीय स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र 1.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है।
कवरेज का दायरा: वर्तमान में विभिन्न सरकारी और निजी योजनाओं के माध्यम से लगभग 58 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है।
किफायती प्रीमियम: सरकार का ध्यान गरीब और कमजोर वर्गों के लिए प्रीमियम दरों को सस्ता रखने पर है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत 436 रुपये में 2 लाख का कवर दिया जा रहा है, जिससे अब तक 26.79 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं।
मुख्य उद्देश्य: इस पहल का लक्ष्य देश में व्यापक वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि बीमारी के समय किसी भी परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
वैश्विक स्तर पर प्रमुख देश:
यूनाइटेड किंगडम (UK): यहाँ का National Health Service (NHS) मॉडल दुनिया में सबसे प्रसिद्ध है। यहाँ नागरिकों को इलाज के लिए कोई बीमा प्रीमियम नहीं देना पड़ता; इसका खर्च पूरी तरह टैक्स के माध्यम से सरकार उठाती है।
कनाडा: यहाँ की ‘मेडिकेयर’ प्रणाली के तहत सभी नागरिकों को मुफ़्त स्वास्थ्य सेवाएँ मिलती हैं, जिसका प्रबंधन प्रांतीय सरकारें करती हैं।
थाईलैंड: विकासशील देशों में थाईलैंड का ‘Universal Coverage Scheme’ एक मिसाल है, जिसने बहुत कम समय में अपने लगभग सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में ला दिया।
अन्य देश: जर्मनी, फ्रांस और जापान में भी अनिवार्य स्वास्थ्य बीमा प्रणाली लागू है, जहाँ सरकार और नियोक्ता (employer) मिलकर प्रीमियम भरते हैं।
भारत में राज्यों की स्थिति:
राजस्थान (चिरंजीवी योजना): राजस्थान भारत का पहला राज्य बना जिसने ‘मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना’ के माध्यम से राज्य के लगभग सभी परिवारों को ₹25 लाख तक का कैशलेस बीमा कवर देने का प्रयास किया।
केरल: केरल अपनी मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली और ‘कारुण्या आरोग्य सुरक्षा पद्धति’ (KASP) के माध्यम से सार्वभौमिक कवरेज के बहुत करीब है।
तमिलनाडु: यहाँ की मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना (CMCHIS) भी एक सफल मॉडल मानी जाती है।
अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार): सर्वोच्च न्यायालय ने कई ऐतिहासिक फैसलों (जैसे पश्चिम बंगाल खेत मजदूर समिति केस) में यह स्पष्ट किया है कि ‘जीवन के अधिकार’ में ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ भी शामिल है। गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए बीमारी के समय इलाज मिलना एक मौलिक अधिकार है।
अनुच्छेद 47 (नीति निदेशक तत्व): यह राज्य का प्राथमिक कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के पोषण स्तर (Nutrition level) और जीवन स्तर को ऊपर उठाए और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करे।
अनुच्छेद 38: यह राज्य को निर्देश देता है कि वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए आय और सुविधाओं की असमानता को कम करे। स्वास्थ्य बीमा सभी को समान चिकित्सा सुविधाएं दिलाने का एक माध्यम है।
अनुच्छेद 39(e): यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि श्रमिकों, पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और शक्ति का दुरुपयोग न हो और उन्हें आर्थिक मजबूरी के कारण अपनी सेहत से समझौता न करना पड़े।
सातवीं अनुसूची (शक्तियों का विभाजन): संविधान में ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता’ राज्य सूची (State List) का विषय है, लेकिन केंद्र सरकार ‘आर्थिक और सामाजिक योजना’ (समवर्ती सूची) के तहत आयुष्मान भारत जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजनाएं चलाती है।
WATCH NOW – AEDO LATEST VIDEO
DOWNLOAD OUR APP – CLICK HERE
READ ALSO – दुनिया के 25% दूध उत्पादन के साथ भारत नंबर वन
(All citizens will get health insurance by 2033)
