
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बताया कि आगामी जनगणना 2027 में पहली बार सभी 21 मान्यता प्राप्त दिव्यांगता श्रेणियों का सटीक डेटा एकत्र किया जाएगा, जिससे उनके लिए बेहतर नीति निर्माण संभव हो सकेगा।
प्रमुख बिंदु
नया कानून और जनगणना: यह ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ (RPwD Act) के लागू होने के बाद होने वाली पहली जनगणना होगी। इस कानून ने दिव्यांगता की श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया है।
हैंडबुक का विमोचन: मंत्री ने ‘बियॉन्ड द विज़िबल’ (Beyond the Visible) नामक एक हैंडबुक लॉन्च की है। इसका उद्देश्य सांसदों को दिव्यांगता समावेश (Inclusion) के प्रति जागरूक करना और उन्हें नीतिगत चर्चाओं में शामिल करना है।
चर्चा के दौरान सुगम्य भारत अभियान, यूडीआईडी (UDID) पोर्टल और पीएम-दक्ष (PM-DAKSH) जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया, जो दिव्यांगों को मुख्यधारा में लाने के लिए चलाई जा रही हैं।
एक सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्तियों के पास उच्च प्रीमियम और अन्य तकनीकी कारणों से स्वास्थ्य बीमा नहीं है। आयुष्मान भारत के तहत इस स्थिति को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है।
उद्देश्य: सटीक डेटा के माध्यम से सरकार दिव्यांगजनों की विशिष्ट जरूरतों को समझ सकेगी और उनके लिए अधिक प्रभावी कल्याणकारी योजनाएं और बुनियादी ढांचा तैयार कर पाएगी।
कोरोना महामारी के कारण 2021 में होने वाली जनगणना को टाल दिया गया था, जिसे अब नए तकनीकी स्वरूप में पेश किया जा रहा है।
डिजिटल स्वरूप: यह भारत के इतिहास की पहली डिजिटल जनगणना होगी। डेटा संग्रह के लिए कागज के बजाय मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। नागरिक खुद भी पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज (Self-enumeration) कर सकेंगे।
जाति जनगणना की मांग: विपक्षी दलों और कई राज्यों द्वारा ‘जाति आधारित जनगणना’ (Caste Census) की मांग की जा रही है, हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक इस पर कोई अंतिम आधिकारिक निर्णय नहीं लिया है।
परिसीमन (Delimitation) का आधार: 2027 की जनगणना के आंकड़े लोकसभा और विधानसभा सीटों के भविष्य में होने वाले परिसीमन के लिए आधार बनेंगे। यह महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के कार्यान्वयन के लिए भी अनिवार्य है।
WATCH NOW – AEDO LATEST VIDEO
DOWNLOAD OUR APP – CLICK HERE
READ ALSO – 2033 तक सभी नागरिकों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा
(Census 2027 a ‘historic opportunity’ for disability data)
