
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत विद्युत शिखर सम्मेलन-2026’ को संबोधित किया। इस सम्मेलन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली अब केवल ऊर्जा का एक स्रोत नहीं है, बल्कि यह वर्ष 2047 तक भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण रोडमैप (Roadmap) है।
प्रमुख बिंदु
उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ नेटवर्क के अंतर्गत संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर समुद्र के नीचे बिजली पारेषण केबल नेटवर्क स्थापित करने की योजना बना रही है।
पिछले 10 वर्षों में सरकार ने बिजली पारेषण के लिए दो लाख नौ हजार सर्किट किलोमीटर लाइनें जोड़ी हैं।
इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन छह गुना अधिक बढ़कर 11 दशमलव 8 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि इस समय देश में 300 घरेलू विनिर्माता हैं।
50 प्रतिशत से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के साथ, भारत वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन संपूर्ण विद्युत और ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को एक मंच पर लाता है ताकि विचारों का आदान-प्रदान कर सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अतिरिक्त विद्युत विकास तथा जीवन स्तर में सुधार के लिए एक साझा मार्ग प्रशस्त किया जा सके।
WATCH NOW – AEDO LATEST VIDEO
DOWNLOAD OUR APP – CLICK HERE
READ ALSO – 2033 तक सभी नागरिकों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा
(India Power Summit-2026)
