साध्वी निरंजन ज्योति बानी राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की नई अध्यक्ष (Sadhvi Niranjan Jyoti Bani is the new chairperson of the National Commission for Backward Classes (NCBC))

Sadhvi Niranjan Jyoti Bani is the new chairperson of the National Commission for Backward Classes (NCBC).

चर्चा में क्यों?
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने 18 मार्च 2026 को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

प्रमुख बिंदु
पदभार ग्रहण: नई दिल्ली में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने पिछड़े समाज के सम्मान, उनके अधिकारों की रक्षा और समग्र विकास के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

साध्वी निरंजन ज्योति केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले दो कार्यकाल में मंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, ग्रामीण विकास और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया है।

संवैधानिक दर्जा (102वाँ संशोधन): वर्ष 2018 में 102वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से NCBC को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया। इससे पहले यह केवल एक वैधानिक (Statutory) निकाय था।

अनुच्छेद 338B: इस संशोधन के द्वारा संविधान में अनुच्छेद 338B जोड़ा गया, जो विशेष रूप से सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) के लिए इस आयोग के गठन का प्रावधान करता है।

आयोग की संरचना: इस आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं। इन सभी की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा उनके हस्ताक्षर और मुहर के तहत वारंट द्वारा की जाती है।

मुख्य कार्य और जिम्मेदारी: आयोग का प्राथमिक कार्य पिछड़े वर्गों के लिए संविधान या अन्य कानूनों के तहत प्रदान किए गए सुरक्षा उपायों से संबंधित सभी मामलों की जांच और निगरानी करना है। यह उनके अधिकारों के उल्लंघन के संबंध में विशिष्ट शिकायतों की जांच भी करता है।

सिविल कोर्ट की शक्तियाँ: अपनी जांच के दौरान, आयोग के पास सिविल कोर्ट की सभी शक्तियाँ होती हैं। यह भारत के किसी भी हिस्से से किसी भी व्यक्ति को तलब (Summon) कर सकता है और शपथ पर उसकी परीक्षा कर सकता है।

परामर्शदात्री भूमिका: केंद्र और राज्य सरकारों को पिछड़े वर्गों को प्रभावित करने वाले सभी महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों पर आयोग से परामर्श करना अनिवार्य है।

रिपोर्ट प्रस्तुतीकरण: आयोग हर साल अपनी कार्यप्रणाली की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे बाद में संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाता है।

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(Sadhvi Niranjan Jyoti Bani is the new chairperson of the National Commission for Backward Classes (NCBC).)

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