भारत की ऊर्जा क्षमता: जनवरी 2026 तक 520.51 GW का आंकड़ा पार (India’s energy capacity: Crosses 520.51 GW mark by January 2026)

India's energy capacity: Crosses 520.51 GW mark by January 2026

चर्चा में क्यों?
भारत ने ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनवरी 2026 तक देश की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता (Total Installed Capacity) बढ़कर 520.51 GW हो गई है। यह प्रगति भारत के ‘ऊर्जा आत्मनिर्भर’ बनने और स्वच्छ ऊर्जा की तरफ बढ़ते कदमों को दर्शाती है।

प्रमुख बिंदु
अक्षय ऊर्जा का दबदबा: कुल क्षमता में से अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) का हिस्सा लगभग 210.87 GW पहुंच गया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सौर और पवन ऊर्जा: सौर ऊर्जा (Solar Energy) की क्षमता में सबसे तेज़ी से वृद्धि हुई है, जो अब 105.45 GW से अधिक हो गई है। वहीं, पवन ऊर्जा (Wind Energy) ने भी 49.12 GW का आंकड़ा पार कर लिया है।

जल विद्युत और अन्य स्रोत: बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं (Large Hydro Projects) का योगदान लगभग 51.34 GW है, जबकि नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy) और अन्य स्रोत भी देश की ग्रिड को मजबूती दे रहे हैं।

तापीय ऊर्जा (Thermal Power): हालाँकि भारत स्वच्छ ऊर्जा पर ज़ोर दे रहा है, लेकिन थर्मल पावर अब भी देश की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने में लगभग 250.21 GW के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

विकसित भारत का लक्ष्य: ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, यह वृद्धि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी।

निवेश और रोज़गार: ऊर्जा क्षेत्र में हुई इस प्रगति से न केवल विदेशी निवेश (FDI) बढ़ा है, बल्कि लाखों नए रोज़गार के अवसर भी पैदा हुए हैं।

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