Indian Army Dhanush Artillery : 300 देसी बोफोर्स ‘धनुष’ की खरीद को DAC की मंजूरी

Indian Army Dhanush Artillery : 300 देसी बोफोर्स 'धनुष' की खरीद को DAC की मंजूरी

चर्चा में क्यों?
भारतीय सेना की तोपखाना (Artillery) क्षमता को आधुनिक और स्वदेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने सेना के लिए 300 स्वदेशी ‘धनुष’ (Dhanush) आर्टिलरी गन सिस्टम की खरीद के अहम प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है।

प्रमुख बिंदु:
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है, जो तीनों सेनाओं के लिए हथियारों की नई खरीद (Capital Acquisition) को मंजूरी देती है और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से यह जानना जरूरी है कि इसके अध्यक्ष हमेशा देश के रक्षा मंत्री होते हैं।

‘धनुष’ एक 155 मिमी, 45-कैलिबर (155mm, 45-calibre) की टोड आर्टिलरी गन (Towed Artillery Gun) है, जिसे भारत के सैन्य हलकों में ‘देसी बोफोर्स’ के नाम से भी जाना जाता है।

इस अत्याधुनिक स्वदेशी तोप की मारक क्षमता 40 किलोमीटर तक है, जो मूल स्वीडिश बोफोर्स तोपों की 27 किलोमीटर की रेंज से कहीं अधिक है।

स्टैटिक जीके (Static GK) के नजरिए से आपको बता दें कि इस शक्तिशाली धनुष तोप का निर्माण मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित ‘गन कैरिज फैक्ट्री’ (Gun Carriage Factory – GCF) द्वारा किया जाता है।

इस 300 तोपों की बड़ी खरीद प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, भारतीय सेना के पास ‘धनुष’ तोपों की 15 से ज्यादा रेजिमेंट हो जाएंगी (वर्तमान में लगभग 3 रेजिमेंट सेना में शामिल हो चुकी हैं)।

भारतीय सेना की आर्टिलरी आधुनिकीकरण (Field Artillery Rationalisation Plan) योजना कारगिल युद्ध के बाद वर्ष 1999 में शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य साल 2027 तक सेना में 2800 नई तोपें शामिल करना है।

इस आधुनिकीकरण अभियान के तहत सेना में पहले से ही अमेरिका से आयातित 145 ‘एम-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर’ (M-777) तोपें शामिल की जा चुकी हैं, जिन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए ऊंचे पहाड़ी इलाकों में आसानी से तैनात किया जा सकता है।

इसके अलावा दक्षिण कोरियाई तकनीक पर आधारित और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनी 100 ‘के-9 वज्र’ (K-9 Vajra-T) ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड तोपें भी वर्तमान में भारतीय तोपखाने की ताकत बढ़ा रही हैं।

FAQ:
1. ‘धनुष’ तोप को अन्य किस नाम से जाना जाता है और इसकी रेंज क्या है?
‘धनुष’ तोप को ‘देसी बोफोर्स’ (Desi Bofors) भी कहा जाता है और इसकी अधिकतम मारक क्षमता (रेंज) 40 किलोमीटर तक है।

2. रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) का अध्यक्ष कौन होता है?
भारत के वर्तमान रक्षा मंत्री रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) के पदेन अध्यक्ष होते हैं।

3. धनुष आर्टिलरी गन का निर्माण भारत में कहाँ किया जाता है?
इस स्वदेशी तोप का निर्माण मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित प्रतिष्ठित ‘गन कैरिज फैक्ट्री’ (GCF) द्वारा किया जाता है।

4. भारतीय सेना में अमेरिका से कौन सी अल्ट्रा-लाइट तोपें शामिल की गई हैं?
भारतीय सेना ने अमेरिका से एम-777 (M-777) अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपें खरीदी हैं, जो विशेष रूप से ऊंचाई वाले दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे चीन और पाकिस्तान बॉर्डर) के लिए बेहद कारगर हैं।

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