World Heritage Day 2026

World Heritage Day 2026

चर्चा में क्यों?
आज 18 अप्रैल 2026 को पूरी दुनिया में ‘विश्व विरासत दिवस’ (International Day for Monuments and Sites) मनाया जा रहा है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों की विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके संरक्षण के लिए वैश्विक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

प्रमुख बिंदु
इस वर्ष का आयोजन विशेष महत्व रखता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद (ICOMOS) ने “Emergency Response for Living Heritage in Contexts of Conflicts and Disasters” (संघर्षों और आपदाओं के संदर्भ में जीवंत विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया) को आधिकारिक थीम घोषित किया है।

अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद (ICOMOS) द्वारा चुनी गई 2026 की थीम आपदा और युद्ध जैसी स्थितियों में सांस्कृतिक विरासत को तुरंत बचाने और उनके लचीलेपन पर केंद्रित है।

भारत अब कुल 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के साथ वैश्विक स्तर पर शीर्ष देशों में अपनी स्थिति मजबूत कर चुका है।

वर्ष 2025 में ‘भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य’ (Maratha Military Landscapes) को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था, जो भारत का 44वाँ स्थल बना।

इससे पहले वर्ष 2024 में असम के ‘मोइदम्स’ (Moidams – अहोम राजवंश की टीला-दफन प्रणाली) को भारत के 43वें विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता मिली थी।

इस वर्ष की थीम ‘लिविंग हेरिटेज’ (Living Heritage) यानी उन परंपराओं और प्रथाओं को बचाने पर जोर देती है जो समुदायों के विस्थापन या आपदा के समय लुप्त हो सकती हैं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इस अवसर पर आज देश के सभी संरक्षित स्मारकों में पर्यटकों के लिए प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क रखा है।

भारत सरकार ने विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए ‘प्रसाद’ (PRASHAD) और ‘हृदय’ (HRIDAY) जैसी योजनाओं के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी को और अधिक विस्तार दिया है।

डिजिटल इंडिया के तहत अब भारत के कई प्रमुख किलों और मंदिरों का ‘डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट डेटाबेस’ तैयार किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनके मूल स्वरूप को पुनर्स्थापित किया जा सके।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
स्थापना और मान्यता: आईकोमोस (ICOMOS) ने 1982 में 18 अप्रैल को यह दिवस मनाने का सुझाव दिया था, जिसे 1983 में यूनेस्को (UNESCO) ने आधिकारिक मंजूरी दी।

भारत का स्थान: 44 यूनेस्को स्थलों के साथ भारत दुनिया में छठे स्थान पर है (इटली, चीन, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के बाद)।

विरासत श्रेणियों का वर्गीकरण: भारत के 44 स्थलों में 36 सांस्कृतिक (Cultural), 7 प्राकृतिक (Natural) और 1 मिश्रित (Mixed – कंचनजंगा नेशनल पार्क) स्थल शामिल हैं।

यूनेस्को (UNESCO) मुख्यालय: इसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है और इसकी स्थापना 16 नवंबर 1945 को हुई थी।

ICOMOS मुख्यालय: अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद का मुख्यालय भी पेरिस, फ्रांस में है और यह यूनेस्को की सलाहकार संस्था है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
1. विश्व विरासत दिवस 2026 की आधिकारिक थीम क्या है?
वर्ष 2026 की थीम “Emergency Response for Living Heritage in Contexts of Conflicts and Disasters” है।

2. अप्रैल 2026 तक भारत में कुल कितने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं?
वर्तमान में भारत में कुल 44 आधिकारिक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल मौजूद हैं।

3. भारत का नवीनतम (44वाँ) यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल कौन सा है?
भारत का 44वाँ स्थल ‘मराठा सैन्य परिदृश्य’ (Maratha Military Landscapes) है, जिसे वर्ष 2025 में शामिल किया गया था।

4. 2026 की थीम में ‘लिविंग हेरिटेज’ (Living Heritage) का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ उन सांस्कृतिक प्रथाओं, ज्ञान और परंपराओं से है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचती हैं और आपदा के समय जिन पर सबसे अधिक खतरा होता है।

5. भारत का एकमात्र ‘मिश्रित’ (Mixed) विश्व धरोहर स्थल कौन सा है?
सिक्किम में स्थित कंचनजंगा नेशनल पार्क भारत का एकमात्र मिश्रित धरोहर स्थल है।

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