
Narendra Modi ने आज पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को इस दशक के सबसे बड़े वैश्विक संकटों में से एक बताते हुए देशवासियों से राष्ट्रीय संसाधनों पर बोझ कम करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। गुजरात के Vadodara में सरदारधाम छात्रावास के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है ताकि इस संकट का असर देश के नागरिकों पर न्यूनतम रहे।
प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेशी उत्पादों के उपयोग में कमी लाने और ऐसे व्यक्तिगत खर्चों से बचने की अपील की, जिनसे विदेशी मुद्रा का अधिक व्यय होता हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देशवासियों को अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पाद अपनाने चाहिए, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे।
अपने संबोधन में श्री मोदी ने कहा कि जब भी देश किसी बड़े संकट से गुजरा है, तब नागरिकों ने अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोविड-19 महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी, तो पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालात इस दशक की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार देश ने एकजुट होकर कोविड महामारी पर विजय प्राप्त की थी, उसी प्रकार वर्तमान संकट का भी सफलतापूर्वक सामना किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वडोदरा स्थित सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन किया। इस आधुनिक छात्रावास में एक हजार छात्रों और एक हजार छात्राओं के रहने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। परिसर में केंद्रीय भोजन कक्ष, पुस्तकालय, सभागार, ई-पुस्तकालय, स्वागत क्षेत्र तथा अन्य नागरिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। प्रधानमंत्री ने परिसर का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने स्थिति सामान्य होने तक सोने की खरीदारी टालने का भी आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यालयों में वर्चुअल बैठकों और “वर्क फ्रॉम होम” को प्राथमिकता देने पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने विद्यालयों से भी ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने की सलाह दी।
