Amaravati Officially Recognized : अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी, संसद ने पारित किया संशोधन विधेयक

Amaravati Officially Recognized : अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी, संसद ने पारित किया संशोधन विधेयक

Amaravati Officially Recognized : अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी, संसद ने पारित किया संशोधन विधेयक
चर्चा में क्यों?
भारत की संसद ने आज (2 अप्रैल 2026) आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिससे अब अमरावती आधिकारिक तौर पर राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी बन गई है।

प्रमुख बिंदु:
संसद द्वारा पारित यह नया विधेयक आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 5 में संशोधन करता है।

इस कानून के तहत अमरावती को 2 जून 2024 से पिछली तारीख (Retrospective effect) से राज्य की स्थायी राजधानी का दर्जा दिया गया है।

यह ऐतिहासिक निर्णय पिछली सरकार की ‘तीन राजधानियों’ (विशाखापट्टनम, अमरावती और कुरनूल) वाली विवादित योजना को पूरी तरह से समाप्त कर देता है।

सरकार की योजना अब अमरावती को 2028 तक एक विश्व स्तरीय ‘नॉलेज हब’ और ‘क्वांटम वैली’ के रूप में विकसित करने की है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014: इस अधिनियम के माध्यम से 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दो अलग राज्य बने थे।

अमरावती का ऐतिहासिक महत्व: यह प्राचीन काल में सातवाहन राजवंश (Satavahana Dynasty) की राजधानी रही है और बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है।

भौगोलिक स्थिति: अमरावती शहर कृष्णा नदी के तट पर गुंटूर जिले में स्थित है।

लैंड पूलिंग मॉडल: अमरावती का निर्माण भारत के सबसे बड़े लैंड पूलिंग मॉडल पर आधारित है, जहाँ किसानों ने स्वेच्छा से अपनी जमीन दी थी।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
1. आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी के रूप में कानूनी और वैधानिक दर्जा प्रदान करना है।

2. यह कानून किस तारीख से प्रभावी माना जाएगा?
यह कानून 2 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा, जो हैदराबाद के ‘साझा राजधानी’ के रूप में 10 साल के कार्यकाल की समाप्ति की तारीख है।

3. पिछली ‘तीन राजधानियों’ की योजना क्या थी?
पिछली सरकार ने विशाखापट्टनम को प्रशासनिक, अमरावती को विधायी और कुरनूल को न्यायिक राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है।

4. अमरावती राजधानी परियोजना के लिए किसानों ने कितनी भूमि दान की है?
अमरावती के विकास के लिए लगभग 29,000 किसानों ने लैंड पूलिंग योजना के तहत 34,000 एकड़ से अधिक उपजाऊ जमीन दी है।

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