
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ (ECMS) के तहत कंपनियों को सरकारी सहायता या फंड का लाभ तभी मिलेगा, जब वे भारत में प्रोडक्ट डिजाइन पर गंभीरता से निवेश करेंगी।
प्रमुख बिंदु:
सरकार का मानना है कि कंपनियों को केवल प्रोडक्ट की असेंबली या बेसिक मैन्युफैक्चरिंग तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए।
कंपनियों को अपनी क्षमताओं का विस्तार करते हुए कॉन्सेप्चुअल डिजाइन, इंजीनियरिंग डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग डिजाइन के क्षेत्र में भी काम करना होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि उद्योग जगत सरकार की इन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है, तो भविष्य में दी जाने वाली मंजूरियों और फंडिंग पर रोक लगाई जा सकती है।
इस योजना (ECMS) के तहत निवेश का मूल लक्ष्य 59,350 करोड़ रुपये रखा गया था।
इस लक्ष्य के मुकाबले अब तक सरकार द्वारा 61,671 करोड़ रुपये के भारी निवेश प्रस्तावों को आधिकारिक मंजूरी दी जा चुकी है।
असली मूल्य (Value Addition) तभी पैदा होता है जब किसी उत्पाद की डिजाइनिंग पूरी तरह से भारत में की जाती है।
सरकार ने उद्योग जगत से स्किल्ड मैनपावर (कुशल कार्यबल) तैयार करने पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।
सरकार पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को सपोर्ट करेगी, लेकिन कंपनियों को खुद आगे आकर डिजाइन और इंजीनियरिंग में कुशल प्रतिभा तैयार करनी होगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
ECMS (इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम): यह योजना विशेष रूप से भारत में इलेक्ट्रॉनिक घटकों (components) के निर्माण को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए शुरू की गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY): यह भारत सरकार की वह प्रमुख एजेंसी है जो आईटी नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंटरनेट से संबंधित मामलों को देखती है। (वर्तमान केंद्रीय मंत्री: अश्विनी वैष्णव)।
मेक इन इंडिया (Make in India): यह पहल 25 सितंबर 2014 को शुरू की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को एक वैश्विक डिजाइन और विनिर्माण हब (Manufacturing Hub) में बदलना है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
1. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार किन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को सरकारी सहायता नहीं मिलेगी?
जो कंपनियां भारत में ‘प्रोडक्ट डिजाइन’ पर निवेश नहीं करेंगी और केवल असेंबली तक ही सीमित रहेंगी, उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
2. कंपनियों से यह अपेक्षा किस सरकारी योजना के तहत की जा रही है?
कंपनियों से यह अपेक्षा ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ (ECMS) के तहत की जा रही है।
3. ECMS योजना के तहत सरकार द्वारा कितने करोड़ रुपये का निवेश लक्ष्य निर्धारित किया गया था?
इस योजना के तहत मूल रूप से 59,350 करोड़ रुपये का निवेश लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
4. इस योजना के तहत अब तक कितने करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है?
इस योजना के तहत अब तक 61,671 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है।
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(Electronics Component Manufacturing Scheme (ECMS) )
