Gyan Bharatam Mission : एशियाटिक सोसायटी ने स्कैन कीं 2,033 प्राचीन पांडुलिपियां

Gyan Bharatam Mission : एशियाटिक सोसायटी ने स्कैन कीं 2,033 प्राचीन पांडुलिपियां

चर्चा में क्यों?
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ (Gyan Bharatam Mission) के तहत देश की प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत एशियाटिक सोसायटी, कोलकाता ने अब तक 2,033 पांडुलिपियों को सफलतापूर्वक स्कैन कर लिया है।

प्रमुख बिंदु:
लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 23 मार्च तक स्कैन की गई इन 2,033 पांडुलिपियों में कुल 1,46,099 पेज शामिल हैं।

यह डिजिटाइजेशन का कार्य ज्ञान भारतम मिशन के तहत एशियाटिक सोसायटी को ‘क्लस्टर सेंटर’ (Cluster Center) बनाए जाने के बाद किया गया है।

संस्कृति मंत्री के अनुसार एशियाटिक सोसायटी द्वारा अब तक कुल 11,528 पांडुलिपियों को डिजिटाइज किया जा चुका है, जिनमें 5,72,890 पेज शामिल हैं।

संस्था की ऐतिहासिक इमारत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन आती है और इसके संरक्षण व मरम्मत का जिम्मा भी एएसआई के पास ही है।

वर्ष 2022 में पांडुलिपि संरक्षण केंद्र बनने के बाद से सोसायटी द्वारा अब तक 35,624 पन्नों का संरक्षण और 4,596 दुर्लभ पन्नों की मरम्मत की जा चुकी है।

दुर्लभ पुस्तकों और पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने के लिए म्यूजियम में उचित तापमान और नमी बनाए रखने की विशेष व्यवस्था की गई है।

एशियाटिक सोसायटी, कोलकाता: इसकी स्थापना 15 जनवरी 1784 को प्रख्यात प्राच्यविद् (Orientalist) सर विलियम जोंस द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य एशियाई इतिहास, कला, विज्ञान और साहित्य का अध्ययन व संरक्षण करना था।

पांडुलिपि (Manuscript): यह हाथ से लिखा गया कोई भी प्राचीन दस्तावेज या पुस्तक होती है, जो ऐतिहासिक जानकारी का प्रमुख स्रोत होती है। भारत में राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM) की स्थापना वर्ष 2003 में की गई थी।

ज्ञान भारतम मिशन: यह भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं, साहित्य और सांस्कृतिक धरोहरों का दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण करना है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI): इसकी स्थापना 1861 में अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा की गई थी और यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
1. ज्ञान भारतम मिशन के तहत एशियाटिक सोसायटी ने हाल ही में कितनी पांडुलिपियों को स्कैन किया है?
एशियाटिक सोसायटी ने इस मिशन के तहत अब तक 2,033 पांडुलिपियों को स्कैन किया है।

2. लोकसभा में यह जानकारी किस केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई?
यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा दी गई।

3. एशियाटिक सोसायटी की ऐतिहासिक इमारत किसके संरक्षण में है?
यह ऐतिहासिक इमारत ‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण’ (ASI) के संरक्षण और अधीन है।

4. एशियाटिक सोसायटी को ‘पांडुलिपि संरक्षण केंद्र’ का दर्जा किस वर्ष दिया गया था?
एशियाटिक सोसायटी को वर्ष 2022 में ‘पांडुलिपि संरक्षण केंद्र’ (Manuscript Conservation Centre) का दर्जा दिया गया था।

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