
मुंबई के लोक भवन में पी.डी. हिंदुजा अस्पताल की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘जीवन बचाना और स्वस्थ भारत का निर्माण’ नामक एक महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. विजन 2047 और सामूहिक प्रयास
एकजुटता का आह्वान: राष्ट्रपति ने निजी क्षेत्र, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और परोपकारी संस्थाओं से अपील की है कि वे भारत को वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र बनाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करें।
बुनियादी ढांचा: चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए देश भर में एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि और नए AIIMS व मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पर जोर दिया गया।
2. सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और योजनाएं
आयुष्मान भारत: देश भर में 18 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं, जो प्राथमिक चिकित्सा की रीढ़ बन रहे हैं।
प्रमुख मिशन: राष्ट्रपति ने मिशन इंद्रधनुष, टीबी मुक्त भारत अभियान और दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘प्रधानमंत्री राहत योजना’ की सफलता का उल्लेख किया।
तकनीकी नवाचार: चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत एआई मिशन’ के महत्व को रेखांकित किया गया।
3. आत्मनिर्भरता और अनुसंधान पर जोर
दवा और उपकरण: भारत दवा निर्माण में आगे है, लेकिन चिकित्सा उपकरणों के लिए अभी भी आयात पर निर्भर है। राष्ट्रपति ने इन उपकरणों का स्वदेशी निर्माण करने का आग्रह किया ताकि नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
मानसिक स्वास्थ्य: उन्होंने समाज से मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा न करने और इसे प्राथमिकता देने की अपील की।
4. नेतृत्व और विशेषज्ञों के विचार
महाराष्ट्र के राज्यपाल (आचार्य देवव्रत): उन्होंने प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवनशैली और गंभीर बीमारियों (कैंसर, मधुमेह) के मूल कारणों की पहचान करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री (देवेंद्र फडणवीस): राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में निजी अस्पतालों के योगदान की सराहना की, विशेष रूप से कुपोषण और तपेदिक (TB) पर किए गए शोध के लिए।
ए.पी. हिंदुजा (अध्यक्ष, हिंदुजा अस्पताल): उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की असली शक्ति केवल GDP में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के स्वास्थ्य में निहित है।
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