
चर्चा में क्यों ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि IBSA महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तीन महाद्वीपों, तीन बड़े लोकतंत्रों और तीन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है और वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को मज़बूत करता है।
प्रमुख बिंदु
- IBSA केवल तीन देशों का समूह नहीं है बल्कि तीन महाद्वीपों, लोकतंत्रों और अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने वाला मंच है।
- तीनों देश एक-दूसरे के विकास को पूरक बना सकते हैं और सतत विकास का उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी ने बाजरा, प्राकृतिक खेती, आपदा प्रबंधन, हरित ऊर्जा, पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया।
- यह बैठक अफ्रीका में पहली बार आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के साथ जुड़ी हुई थी।
- IBSA वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को मज़बूत करने और बहुपक्षीय सुधारों पर ज़ोर देने वाला मंच है।
IBSA की स्थापना वर्ष 2003 में हुई थी और इसमें भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
इसका मुख्य उद्देश्य दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देना है।
यह मंच लोकतंत्र, मानवाधिकार और सतत विकास जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।
इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और विज्ञान-तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाता है।
यह संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर विकासशील देशों की आवाज़ को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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