
चर्चा में क्यों?
हाल ही में, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने आव्रजन (Immigration) और वीजा सेवाओं को आधुनिक बनाने वाली महत्वाकांक्षी ‘आप्रवासन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग’ (IVFRT) योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस योजना को 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक की पांच वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाया गया है। सरकार ने इस विस्तारित चरण के सुचारू संचालन के लिए ₹1,364.88 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय (Financial Outlay) को अपनी स्वीकृति प्रदान की है।
IVFRT योजना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Background)
इस योजना को अचानक लागू नहीं किया गया है, बल्कि इसका एक ठोस इतिहास रहा है:
शुरुआती मंजूरी: इस परियोजना को पहली बार 13 मई, 2010 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) द्वारा अनुमोदित किया गया था।
प्रारंभिक बजट और समय-सीमा: शुरुआत में इस योजना के लिए ₹1,011 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था और इसे सितंबर 2014 तक की अवधि के लिए लागू किया गया था।
इसके बाद से ही गृह मंत्रालय (MHA) इस योजना के तहत देश की इमिग्रेशन और वीजा सेवाओं को मैनुअल से डिजिटल रूप में बदलने का काम कर रहा है।
प्रमुख बिंदु और योजना के मुख्य पहलू
1. मुख्य उद्देश्य और विज़न:
IVFRT का मूल उद्देश्य एक ऐसा सुरक्षित और एकीकृत सेवा वितरण ढांचा (Integrated Service Delivery Framework) तैयार करना है, जो वैध यात्रियों को सुविधा प्रदान करे और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करे।
इसके तहत आव्रजन, वीजा जारी करने, विदेशियों के पंजीकरण और देश के भीतर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित (streamline) किया जा रहा है।
2. व्यापक नेटवर्क और एकीकरण (Global & Domestic Network):
यह योजना केवल भारत तक सीमित नहीं है। यह दुनिया भर में फैले 169 भारतीय मिशनों (Indian Missions) को एक सिस्टम से जोड़ती है।
भारत के भीतर, यह योजना 108 आव्रजन चेक पोस्ट (ICPs) (जिसमें हवाई अड्डे, बंदरगाह और जमीनी सीमाएं शामिल हैं) को कवर करती है।
इसके अतिरिक्त, देश भर में जिला स्तर पर मौजूद 700 से अधिक विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारियों (FRROs/FROs) को भी इसी साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
3. वीजा प्रक्रिया में क्रांतिकारी सुधार (Efficiency in Visa Processing):
इस योजना के लागू होने से पहले, मैनुअल प्रक्रिया के दौरान वीजा और ओसीआई (OCI) कार्ड जारी करने में औसतन 15 से 30 दिन का समय लगता था।
IVFRT के तहत डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद, अब ई-वीजा (e-Visa) जारी करने में केवल 24 से 72 घंटे का समय लगता है, जो भारत सरकार की “ईज ऑफ ट्रैवल” (Ease of Travel) नीति को सार्थक बनाता है।
4. राष्ट्रीय सुरक्षा और रीयल-टाइम ट्रैकिंग:
केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा इस योजना का सबसे अहम हिस्सा है। यह प्रणाली विदेशी नागरिकों के वीजा आवेदन से लेकर भारत में उनके प्रवेश, ठहराव और निकास (Exit) तक का पूरा डिजिटल फुटप्रिंट तैयार करती है।
यह सिस्टम सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध व्यक्तियों की रीयल-टाइम जानकारी देता है, जिससे अवैध घुसपैठ और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर लगाम लगती है।
5. पेपरलेस और उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रक्रिया (Paperless System):
इस योजना के विस्तार के साथ, विदेशी नागरिकों के लिए पंजीकरण और अन्य संबंधित सेवाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: IVFRT योजना का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: IVFRT का पूरा नाम ‘Immigration, Visa and Foreigners Registration & Tracking’ (आप्रवासन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग) है।
प्रश्न 2: केंद्र सरकार ने IVFRT योजना को कब तक के लिए बढ़ा दिया है?
उत्तर: इस योजना को 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक की 5 वर्ष की अवधि के लिए निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी गई है।
प्रश्न 3: योजना के इस नए विस्तार के लिए सरकार ने कितना बजट आवंटित किया है?
उत्तर: वर्ष 2021 से 2026 तक के सुचारू संचालन के लिए सरकार ने ₹1,364.88 करोड़ का कुल बजट स्वीकृत किया है।
प्रश्न 4: IVFRT योजना लागू होने से ई-वीजा (e-Visa) मिलने के समय में क्या सुधार हुआ है?
उत्तर: इस डिजिटल प्रणाली के लागू होने से पहले वीजा मिलने में 15 से 30 दिन तक का समय लगता था, लेकिन अब ई-वीजा मात्र 24 से 72 घंटों के भीतर जारी कर दिया जाता है।
प्रश्न 5: भारत में इस योजना की शुरुआत पहली बार कब हुई थी?
उत्तर: इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पहली बार 13 मई, 2010 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा ₹1,011 करोड़ के शुरुआती बजट के साथ मंजूरी दी गई थी।
WATCH NOW – AEDO LATEST VIDEO
DOWNLOAD OUR APP – CLICK HERE
READ ALSO – 2033 तक सभी नागरिकों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा
(IVFRT Scheme 2021-26: Cabinet approves extension of ₹1,364.88 crore)
