NASA Artemis II Mission : नासा का ऐतिहासिक ‘आर्टेमिस II’ मिशन लॉन्च, 50 साल बाद चंद्रमा की ओर बढ़े इंसान

NASA Artemis II Mission

चर्चा में क्यों?
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने 1 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से अपने महत्वाकांक्षी ‘आर्टेमिस II’ चंद्र मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह आधी सदी से भी अधिक समय (1972 के अपोलो 17 के बाद) में चंद्रमा के करीब इंसानों को ले जाने वाला पहला मानवयुक्त मिशन है।

प्रमुख बिंदु:
आर्टेमिस II मिशन को दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) के जरिए ओरियन (Orion) अंतरिक्ष यान में लॉन्च किया गया है।

इस ऐतिहासिक मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं जिनमें कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर और मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टीना कोच तथा जेरेमी हेंसन (कनाडा) चंद्रमा की यात्रा पर निकले हैं।

यह मिशन लगभग 10 दिनों की अवधि का होगा जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर एक चक्कर (Flyby) लगाकर वापस पृथ्वी पर लौटेंगे।

विक्टर ग्लोवर चंद्रमा की ओर जाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति और क्रिस्टीना कोच चंद्रमा की यात्रा करने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बन गई हैं।

जेरेमी हेंसन इस मिशन का हिस्सा बनकर चंद्रमा की कक्षा में जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी (कनाडाई) नागरिक बन गए हैं।

यह अंतरिक्ष यान चंद्रमा के पीछे से गुजरते समय पृथ्वी से लगभग 4,00,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा जो अपोलो 13 द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ देगा।

आर्टेमिस II का मुख्य उद्देश्य ओरियन अंतरिक्ष यान के लाइफ सपोर्ट सिस्टम और मानव संचालन क्षमताओं का गहन परीक्षण करना है।

यह मिशन नासा के अगले चरण ‘आर्टेमिस III’ के लिए एक रिहर्सल की तरह है जिसके तहत 2028 में इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारने की योजना है।

अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे नहीं बल्कि उसके पास से गुजरते हुए भूगर्भीय विशेषताओं की तस्वीरें लेंगे और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा एकत्र करेंगे।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
आर्टेमिस कार्यक्रम (Artemis Program): यह नासा का एक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम है जिसका नाम यूनानी देवी ‘आर्टेमिस’ (अपोलो की जुड़वां बहन) के नाम पर रखा गया है।

NASA (National Aeronautics and Space Administration): अमेरिका की इस अंतरिक्ष एजेंसी की स्थापना 29 जुलाई 1958 को हुई थी और इसका मुख्यालय वाशिंगटन डीसी में है।

ओरियन अंतरिक्ष यान (Orion Spacecraft): इसे विशेष रूप से गहरे अंतरिक्ष मिशनों और चालक दल को सुरक्षित वापस लाने के लिए डिजाइन किया गया है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
1. आर्टेमिस II मिशन में कुल कितने अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं?
इस मिशन में कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं: रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हेंसन।

2. इस मिशन को अमेरिका के किस स्थान से लॉन्च किया गया है?
इसे फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर (Launch Pad 39B) से लॉन्च किया गया है।

3. क्या आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे?
नहीं, यह एक ‘फ्लाईबाई’ (Flyby) मिशन है जहाँ अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाकर वापस लौट आएंगे। चंद्रमा की सतह पर उतरने का लक्ष्य ‘आर्टेमिस III’ मिशन के लिए निर्धारित है।

4. इस मिशन के लिए नासा ने किस रॉकेट का उपयोग किया है?
इस मिशन के लिए नासा ने अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) का उपयोग किया है।

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(NASA Artemis II Mission : नासा का ऐतिहासिक ‘आर्टेमिस II’ मिशन लॉन्च, 50 साल बाद चंद्रमा की ओर बढ़े इंसान)

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