लोकतंत्र का महामंथन (The Great Churning of Democracy)

The Great Churning of Democracy

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज चुनावी सुधारों और रणनीतियों पर एक ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। इस सम्मेलन की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

ऐतिहासिक अंतराल का अंत: लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के लंबे इंतजार के बाद यह राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले ऐसी बैठक वर्ष 1999 में हुई थी।

नेतृत्व: इस महत्वपूर्ण चर्चा की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे।

शीर्ष उपस्थिति: कार्यक्रम में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करेंगे।

व्यापक भागीदारी: सम्मेलन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त शामिल हो रहे हैं। वे अकेले नहीं, बल्कि अपने साथ कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी ला रहे हैं ताकि जटिल मुद्दों पर गहराई से चर्चा हो सके।

प्रशासनिक समन्वय: राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEOs) भी इस बैठक का हिस्सा बनेंगे, जिससे केंद्रीय और राज्य स्तर पर चुनावी प्रक्रिया में बेहतर तालमेल बिठाया जा सके।
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