
नासा का आर्टेमिस-II मिशन 1972 के बाद पहला ऐसा मिशन है जो इंसानों को चंद्रमा के इतने करीब ले जाएगा। यह मिशन भविष्य में मंगल ग्रह तक पहुँचने की सीढ़ी माना जा रहा है। (Artemis II)
1. मिशन का विवरण और समयरेखा
लॉन्च पैड: केप कैनावेरल, फ्लोरिडा (USA)।
लॉन्च की तारीख: 6 फरवरी, 2026 (अतिरिक्त अवसर: फरवरी से अप्रैल तक)।
मिशन की अवधि: 10 दिन।
उद्देश्य: चंद्रमा के चारों ओर एक ‘फ्लाईबाई’ (Flyby) करना—यानी चंद्रमा के चक्कर लगाकर सुरक्षित वापस आना।
2. जांबाज अंतरिक्ष यात्री (चालक दल)
इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो विविधता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक हैं:
रीड वाइजमैन (NASA): मिशन कमांडर।
विक्टर ग्लोवर (NASA): पायलट (चंद्रमा मिशन पर जाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति)।
क्रिस्टीना कोच (NASA): मिशन विशेषज्ञ (चंद्रमा मिशन पर जाने वाली पहली महिला)।
जेरेमी हैनसेन (CSA): कनाडा की अंतरिक्ष एजेंसी के यात्री।
3. शक्तिशाली तकनीक: SLS और ओरियन
यह मिशन नासा के अब तक के सबसे शक्तिशाली रॉकेट और आधुनिक अंतरिक्ष यान का परीक्षण करेगा:
SLS (Space Launch System): यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है, जो ओरियन यान को पृथ्वी की कक्षा से बाहर धकेलेगा।
ओरियन अंतरिक्ष यान (Orion Spacecraft): यह वह कैप्सूल है जिसमें अंतरिक्ष यात्री रहेंगे। इसे गहरे अंतरिक्ष (Deep Space) की विकीरण और अत्यधिक तापमान को झेलने के लिए बनाया गया है।
4. यह मिशन ऐतिहासिक क्यों है?
| विशेषता | विवरण |
| लंबा अंतराल | दिसंबर 1972 (अपोलो-17) के बाद यह पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है। |
| मिशन की प्रकृति | यह चंद्रमा पर उतरेगा नहीं, बल्कि उसके पीछे से चक्कर लगाकर पृथ्वी पर वापस लौटेगा। |
| भविष्य की तैयारी | यह सफल रहा तो अगले वर्ष आर्टेमिस-III के जरिए इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारा जाएगा। |
5. अगला कदम: आर्टेमिस-III
आर्टेमिस-II की सफलता के बाद, आर्टेमिस-III मिशन लॉन्च किया जाएगा। उस मिशन का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर पहली बार इंसानों को उतारना है, जहाँ पानी की मौजूदगी की संभावना है।
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