
डीआरडीओ ने हैदराबाद में स्क्रैमजेट कम्बस्टर का सफल परीक्षण किया
भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल कार्यक्रम को मिली बड़ी मजबूती
भारत ने रक्षा एवं एयरोस्पेस तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने हैदराबाद में विकसित स्क्रैमजेट कम्बस्टर का सफल परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परीक्षण में 1,200 सेकंड से अधिक का रन-टाइम प्राप्त हुआ, जो इस वर्ष जनवरी में किए गए 700 सेकंड के परीक्षण से काफी अधिक है।
उन्नत एयरोस्पेस क्षमता की दिशा में बड़ी उपलब्धि
मंत्रालय ने कहा कि इस सफल परीक्षण के साथ भारत उन्नत एयरोस्पेस क्षमता और तेजी से विकसित हो रही युद्ध प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अग्रणी देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि देश के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम को नई मजबूती प्रदान करेगी।
स्वदेशी तकनीक से विकसित हुआ कम्बस्टर
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्क्रैमजेट कम्बस्टर को डीआरडीओ की रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL), हैदराबाद ने उद्योग भागीदारों के सहयोग से विकसित किया है। इसमें कई अत्याधुनिक और स्वदेशी तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिनमें—
- स्वदेशी रूप से विकसित तरल हाइड्रोकार्बन ईंधन
- उन्नत थर्मल बैरियर कोटिंग
- आधुनिक विनिर्माण तकनीकें
शामिल हैं।
हाइपरसोनिक तकनीक में भारत की बढ़ती ताकत
विशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रैमजेट इंजन हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरने वाली मिसाइलों और विमानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीक है। यह तकनीक ध्वनि की गति से कई गुना तेज गति प्राप्त करने में सक्षम होती है, जिससे रक्षा प्रणाली की क्षमता और प्रभावशीलता बढ़ती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ, उद्योग भागीदारों और शिक्षाविदों की सराहना की। उन्होंने इसे भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल कार्यक्रम के लिए “मजबूत और ठोस नींव” बताया।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगा बल
यह सफलता भारत के “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को भी नई दिशा देगी। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों के विकास से न केवल देश की सामरिक शक्ति बढ़ेगी, बल्कि भारत वैश्विक रक्षा तकनीक बाजार में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।
