
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट ‘महिला सशक्तिकरण’ की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। सरकार ने लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देने के लिए राजकोषीय सहायता में ऐतिहासिक वृद्धि की है।
बजट 2026-27 के मुख्य आकर्षण:
रिकॉर्ड वित्तीय सहायता: महिलाओं और लड़कियों के सर्वांगीण विकास के लिए कुल ₹5.01 लाख करोड़ की राशि निर्धारित की गई है।
दोहरे अंकों में वृद्धि: पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के ₹4.49 लाख करोड़ के मुकाबले इस बार आवंटन में 11.55% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जेंडर बजट का बढ़ता दायरा: कुल केंद्रीय बजट में लैंगिक बजट (Gender Budget) की हिस्सेदारी अब 8.86% से बढ़कर 9.37% हो गई है, जो समावेशी विकास की ओर इशारा करता है।
व्यापक भागीदारी: इस वर्ष बजट आवंटन में कुल 53 मंत्रालयों/विभागों ने हिस्सा लिया है, जो पिछले साल के 49 की तुलना में अधिक है। इसके साथ ही 5 केंद्र शासित प्रदेश भी इस मिशन में शामिल हैं।
संस्थानिक मजबूती: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, अधिक मंत्रालयों की भागीदारी यह दर्शाती है कि अब महिला कल्याण केवल एक विभाग तक सीमित न रहकर सरकार की समग्र प्राथमिकता बन गया है।
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(₹5.01 lakh crore for women’s welfare in the Union Budget)
