
जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (JNCASR) के शोधकर्ताओं ने यह साबित कर दिया है कि गर्म पानी, ठंडे पानी की तुलना में अधिक तेजी से जम सकता है। (Discovery by Indian scientists)
1. एमपेम्बा प्रभाव (Mpemba Effect) क्या है?
यह एक भौतिक (Physics) विरोधाभास है जिसमें:
सामान्य तर्क कहता है कि ठंडे पानी को जमने में कम समय लगना चाहिए।
लेकिन एमपेम्बा प्रभाव के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में गर्म तरल पदार्थ, ठंडे तरल की तुलना में जल्दी ठोस (बर्फ) बन जाता है।
2. भारतीय शोधकर्ताओं की बड़ी उपलब्धि
विश्व का पहला सिमुलेशन: भारतीय वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला सुपरकंप्यूटर-आधारित सिमुलेशन विकसित किया है जो इस प्रक्रिया को बारीकी से समझाता है।
संस्थान: यह शोध ‘जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र’ (JNCASR) के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है।
प्रकाशन: इस महत्वपूर्ण खोज को प्रसिद्ध ‘जर्नल ऑफ कम्युनिकेशन फिजिक्स’ में प्रकाशित किया गया है।
3. सुपरकंप्यूटर सिमुलेशन से क्या पता चला?
वैज्ञानिकों ने सुपरकंप्यूटर की मदद से पानी के अणुओं (Molecules) की गतिशीलता का अध्ययन किया:
बर्फ निर्माण की प्रक्रिया: सिमुलेशन ने दिखाया कि गर्म पानी के अणु किस तरह तेजी से व्यवस्थित होकर बर्फ के क्रिस्टल बनाने की प्रक्रिया शुरू करते हैं।
केवल पानी तक सीमित नहीं: इस शोध की सबसे बड़ी बात यह है कि यह प्रभाव केवल पानी ही नहीं, बल्कि अन्य द्रव्यों (Fluids) में भी देखा जा सकता है जब वे तरल से ठोस में बदलते हैं।
रहस्य से पर्दा: यह सिमुलेशन उन सूक्ष्म प्रक्रियाओं को दिखाता है जिन्हें नग्न आंखों या सामान्य प्रयोगों से देखना असंभव था।
4. इस खोज का महत्व
यह शोध केवल एक प्रयोगशाला प्रयोग नहीं है, इसके भविष्य में कई फायदे हो सकते हैं:
फ्रीजिंग तकनीक: औद्योगिक प्रशीतन (Industrial Refrigeration) में ऊर्जा बचाने और तेजी से जमने वाली तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी।
पदार्थ विज्ञान (Materials Science): धातुओं और अन्य पदार्थों को ठंडा करके उन्हें नया आकार देने की प्रक्रियाओं में सुधार होगा।
कंप्यूटेशनल फिजिक्स: यह भारत की सुपरकंप्यूटिंग क्षमता और जटिल वैज्ञानिक समस्याओं को हल करने की हमारी शक्ति को दर्शाता है।
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