
प्रधानमंत्री मोदी के विजन ‘मिशन कर्मयोगी’ को आगे बढ़ाते हुए, केंद्र सरकार ने iGOT प्लेटफॉर्म पर AI-आधारित सुविधाओं का विस्तार किया है। (Government launches expanded AI-based features)
1. मुख्य उद्देश्य: “नियमों से भूमिकाओं तक” (Rules to Roles)
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, इस पहल का लक्ष्य अधिकारियों की सोच को बदलना है:
स्पष्टता: अधिकारी केवल नियमों का पालन न करें, बल्कि अपनी विशेष भूमिका (Role) को समझें।
परिणाम आधारित: ट्रेनिंग का मुख्य फोकस कार्य की गुणवत्ता और जनता को मिलने वाले परिणामों पर है।
2. AI-आधारित अत्याधुनिक फीचर्स
कर्मयोगी क्लासरूम को और भी अधिक इंटरएक्टिव बनाने के लिए तीन प्रमुख टूल्स जोड़े गए हैं:
AI सारथी: यह एक डिजिटल मार्गदर्शक की तरह काम करेगा जो अधिकारियों को उनके करियर और कौशल के अनुसार सही पाठ्यक्रम चुनने में मदद करेगा।
AI ट्यूटर: यह व्यक्तिगत शिक्षक की तरह काम करेगा, जो किसी भी विषय पर शंकाओं का समाधान तुरंत करेगा।
AI कैपेसिटी बिल्डिंग प्लान: प्रत्येक अधिकारी के लिए उनकी जरूरतों के हिसाब से एक विशिष्ट (Personalized) लर्निंग प्लान तैयार किया जाएगा।
3. ‘कर्मयोगी क्लासरूम’ के प्रमुख लाभ
| विशेषता | प्रभाव |
| पर्सनलाइज्ड लर्निंग | हर अधिकारी अपनी गति और जरूरत के हिसाब से सीख सकेगा। |
| इंटरएक्टिव ट्रेनिंग | केवल वीडियो देखना नहीं, बल्कि AI के साथ चर्चा और सवाल-जवाब संभव होगा। |
| तेजी से योजना (Planning) | AI टूल्स की मदद से प्रशासनिक निर्णयों और योजनाओं का निर्माण जल्दी होगा। |
| कुशल कार्य निष्पादन | बेहतर ट्रेनिंग से सरकारी योजनाओं का जमीन पर क्रियान्वयन (Implementation) अधिक प्रभावी होगा। |
4. iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म क्या है?
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