
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) की 16वीं बैठक में भारत की उपलब्धियों और लक्ष्यों को साझा किया। (India’s ‘Mission 2070’)
1. प्रमुख लक्ष्य और समयसीमा
भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दो बड़े मील के पत्थर (Milestones) तय किए हैं:
वर्ष 2030 तक: 500 गीगावॉट (GW) गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता हासिल करना।
वर्ष 2070 तक: शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net Zero Emission) का लक्ष्य प्राप्त करना।
2. शानदार उपलब्धियाँ: समय से पहले जीत
भारत ने दुनिया को दिखाया है कि वह केवल वादे नहीं करता, बल्कि उन्हें पूरा भी करता है:
50% का लक्ष्य पूरा: पेरिस समझौते के तहत भारत को अपनी बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से करना था। भारत ने इसे निर्धारित समय (2030) से 5 वर्ष पहले ही 2025 में हासिल कर लिया है।
वर्तमान क्षमता: भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता अब 266 गीगावॉट (GW) से अधिक हो गई है।
3. ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का वैश्विक संदेश
भारत का ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है:
सिद्धांत: भारत का दृष्टिकोण “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” पर आधारित है।
अंतर्राष्ट्रीय मंच: अबू धाबी में IRENA की बैठक में भारत ने ग्लोबल साउथ और अन्य विकासशील देशों के लिए एक मिसाल पेश की है।
4. भविष्य के प्रमुख स्तंभ (Key Pillars)
इस लक्ष्य को पाने के लिए भारत निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है: | क्षेत्र | मुख्य पहल | | :— | :— | | सौर ऊर्जा | पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना जैसी बड़ी पहल। | | पवन ऊर्जा | तटीय क्षेत्रों में ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स का विस्तार। | | ग्रीन हाइड्रोजन | भारत को ग्रीन हाइड्रोजन का वैश्विक हब बनाना। | | इलेक्ट्रिक वाहन (EV) | परिवहन क्षेत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करना। |
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