
यह भारतीय रेलवे नेटवर्क पर अपनी तरह की पहली ऐसी तैनाती है, जहाँ एक रोबोट को स्टेशन संचालन और सुरक्षा प्रबंधन की कमान सौंपी गई है। (Humanoid Robot ‘ASC Arjun’)
1. स्वदेशी निर्माण और विजन
तकनीक: इसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके विशाखापत्तनम में ही डिजाइन और विकसित किया गया है।
उद्देश्य: व्यस्त घंटों (Peak Hours) के दौरान यात्रियों की सहायता करना और सुरक्षा कर्मियों के बोझ को कम करना।
2. एएससी अर्जुन की मुख्य तकनीकी विशेषताएं
यह रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक सेंसर्स से लैस है:
फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS): यह चेहरों को पहचानने में सक्षम है, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों या ज्ञात अपराधियों (घुसपैठियों) का तुरंत पता लगाया जा सकता है।
भीड़ निगरानी (Crowd Monitoring): AI की मदद से यह स्टेशन पर जमा होने वाली भीड़ का विश्लेषण करता है और किसी भी असामान्य स्थिति में अलर्ट देता है।
रियल-टाइम अलर्ट: यह सीधे RPF कंट्रोल रूम से जुड़ा है, जिससे किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत सुरक्षा मुख्यालय तक पहुँच जाती है।
3. यात्री सहायता और संचार क्षमता
एएससी अर्जुन केवल एक ‘गार्ड’ नहीं, बल्कि एक सहायक भी है:
बहुभाषी घोषणाएँ: यह अंग्रेजी, हिंदी और तेलुगु में स्वचालित घोषणाएँ कर सकता है।
जागरूकता: यह यात्रियों को सुरक्षा नियमों, ट्रेनों की स्थिति और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का काम करता है।
इंटरएक्टिव इंटरफ़ेस: भीड़भाड़ वाले समय में यात्रियों के सामान्य सवालों के जवाब देकर यह रेलवे कर्मचारियों की मदद करता है।
4. रेलवे के लिए इस पहल का महत्व
| लाभ का क्षेत्र | प्रभाव |
| सुरक्षा | मानवीय त्रुटि की संभावना कम और 24×7 सटीक निगरानी। |
| प्रौद्योगिकी | भारतीय रेलवे का ‘फ्यूचरिस्टिक’ और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर कदम। |
| दक्षता | आरपीएफ कर्मियों को गंभीर अपराधों की जांच पर ध्यान केंद्रित करने का समय मिलेगा। |
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