
विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा जारी इस सूचकांक में भारत ने न केवल अपनी रैंकिंग सुधारी है, बल्कि कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व भी किया है। (Global Innovation Index 2025)
1. रैंकिंग का सफ़र: 66 से 38 तक
भारत की प्रगति का ग्राफ यह बताता है कि बीते कुछ वर्षों में इनोवेशन को लेकर हमारी नीतियों में कितना बड़ा बदलाव आया है:
2025 की रैंक: 38वीं (139 देशों में)।
ऐतिहासिक सुधार: 2015 में भारत 81वें स्थान पर था और 2019 में 66वें पर। मात्र 10 साल में हमने 43 पायदानों की छलांग लगाई है।
क्षेत्रीय स्थिति: भारत मध्य और दक्षिणी एशिया के क्षेत्र में और निम्न-मध्यम आय वर्ग वाले देशों में नंबर 1 पर बना हुआ है।
2. भारत की ताकत
सूचकांक के अनुसार, भारत कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों को टक्कर दे रहा है:
ICT सेवा निर्यात: भारत सूचना और संचार तकनीक (ICT) सेवाओं के निर्यात में वैश्विक स्तर पर प्रथम स्थान पर है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम: यूनिकॉर्न (Unicorn) वैल्यूएशन में भारत दुनिया में 11वें स्थान पर है।
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP): भारत अब पेटेंट आवेदन में दुनिया में छठे, ट्रेडमार्क में चौथे और औद्योगिक डिजाइन में सातवें स्थान पर है।
इनोवेशन क्लस्टर्स: भारत के 4 शहर—बेंगलुरु (21वाँ), दिल्ली (26वाँ), मुंबई (46वाँ) और चेन्नई (84वाँ)—दुनिया के शीर्ष 100 साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्लस्टर्स में शामिल हैं।
3. वैश्विक परिदृश्य:
दुनिया की सबसे इनोवेटिव अर्थव्यवस्थाओं में पश्चिमी देशों का वर्चस्व कायम है:
| रैंक | देश | मुख्य आकर्षण |
| 1 | स्विट्ज़रलैंड | लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। |
| 2 | स्वीडन | उच्च तकनीकी नवाचार। |
| 3 | अमेरिका | रिसर्च और विकास (R&D) में भारी निवेश। |
| 10 | चीन | पहली बार टॉप 10 में शामिल हुआ। |
| 99 | पाकिस्तान | भारत से काफी पीछे। |
