
आज श्रीलंका से भारत वापस लौटाए जा रहे हैं भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष। ये अवशेष कुछ दिन पहले श्रीलंका के कोलंबो स्थित हुनुपितिया गंगारामया मंदिर में 7 दिनों की सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए लाए गए थे और आज इन्हें भारत वापस भेजा जा रहा है।
क्या है यह अवशेष?
ये अवशेष भगवान बुद्ध के पवित्र Sharira (धार्मिक अवशेष) हैं, जो गुजरात के देवनीमोरी पुरातात्विक स्थल पर 1960 के दशक में खुदाई से मिले थे। ये अवशेष भारत से पहली बार विदेश (श्रीलंका) ले जाए गए थे।
इतिहास और महत्व
देवनीमोरी अवशेषों को भारतीय पुरातत्व और बौद्ध इतिहास के महत्वपूर्ण साक्ष्यों में गिना जाता है।
इन अवशेषों की पहली अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक प्रदर्शनी 4 से 11 फरवरी 2026 तक कोलंबो में आयोजित की गई थी, जहाँ श्रीलंकाई जनता और वैश्विक बौद्ध समुदाय द्वारा इन्हें बहुत श्रद्धा से देखा गया।
वापसी का कार्यक्रम
आज 11 फरवरी 2026 को इन पवित्र अवशेषों को श्रीलंका से वापस भारत ला रहा एक उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल है, जिसमें मध्य प्रदेश के राज्यपाल तथा अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संदर्भ
भारत और श्रीलंका दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म के माध्यम से सदियों पुराने मजबूत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध रहे हैं, और यह आयोजन उन बंधनों को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
