
भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी तेज कर दी है। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को समय सीमा के भीतर प्रारंभिक कार्य निपटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पुनरीक्षण अभियान की मुख्य बातें:
अप्रैल से होगा शंखनाद: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का अगला चरण इस वर्ष अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। इसका मुख्य उद्देश्य सूची से त्रुटियों को हटाना और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना है।
22 राज्यों पर विशेष ध्यान: इस अभियान के दायरे में आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे कुल 22 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश शामिल किए गए हैं।
प्रारंभिक तैयारियों का निर्देश: आयोग ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक पुनरीक्षण शुरू होने से पहले सर्वे, डेटा वेरिफिकेशन और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
वर्तमान प्रगति: रिपोर्ट के अनुसार, देश के अन्य 12 राज्यों में पुनरीक्षण का कार्य पहले से ही प्रगति पर है।
अभियान के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र:
| श्रेणी | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश |
| उत्तर भारत | दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख |
| दक्षिण व पश्चिम | आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव |
| पूर्वी व पूर्वोत्तर | झारखंड, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा |
| अन्य | चंडीगढ़ |
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