भारत की पहली Digital Census

भारत की पहली Digital Census

चर्चा में क्यों?

भारत सरकार ने घोषणा की है कि देश की अगली जनगणना 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होगी। यह भारत के इतिहास की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जो आधुनिक तकनीक के माध्यम से डेटा संग्रह को अधिक सटीक और तेज बनाएगी।

प्रमुख बिंदु

  • डिजिटल माध्यम: इस बार डेटा कागज के बजाय मोबाइल ऐप और सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के जरिए इकट्ठा किया जाएगा।

  • समय सीमा: राष्ट्रव्यापी गणना का कार्य 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होकर विभिन्न चरणों में संपन्न होगा।

  • स्वयं गणना का विकल्प: नागरिक पहली बार जनगणना पोर्टल पर जाकर खुद का विवरण (Self-enumeration) भरने में सक्षम होंगे।

  • बहुउद्देशीय डेटा: इस डिजिटल डेटा का उपयोग सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नीति निर्धारण के लिए किया जाएगा।

  • ऐतिहासिक संदर्भ: आमतौर पर जनगणना हर 10 साल में होती है, लेकिन 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण टल गई थी, जो अब 2027 में आयोजित हो रही है।

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    (भारत की पहली Digital Census)

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