
चर्चा में क्यों?
भारत की राष्ट्रपति (President of India) द्रौपदी मुर्मु आगामी 25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में आयोजित होने वाले पहले नागरिक अलंकरण समारोह (Civil Investiture Ceremony) में वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस प्रतिष्ठित आधिकारिक कार्यक्रम की जानकारी साझा की है।
प्रमुख बिंदु
भारत सरकार द्वारा इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कारों (Padma Awards) की घोषणा की गई है, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट श्रेणियों में वितरित किया जाएगा। इन पुरस्कारों के आधिकारिक वर्गीकरण के तहत इस बार 5 पद्म विभूषण (Padma Vibhushan), 13 पद्म भूषण (Padma Bhushan) और 113 पद्म श्री (Padma Shri) पुरस्कार शामिल हैं। परीक्षा की दृष्टि से यह तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इस वर्ष पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेताओं में 19 महिलाएँ (Women) शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व को दर्शाती हैं। इसके अतिरिक्त, अपनी कला, सेवा और राष्ट्र निर्माण में जीवन पर्यंत योगदान देने वाले 16 प्रख्यात व्यक्तित्वों को यह सम्मान मरणोपरांत (Posthumously) प्रदान किया जा रहा है।
पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों (Highest Civilian Awards) की श्रेणी में आते हैं। इन नागरिक सम्मानों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों—पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए), पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा) और पद्म श्री (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा) के रूप में प्रदान किया जाता है। ये पुरस्कार कला (Art), साहित्य एवं शिक्षा (Literature and Education), खेल (Sports), चिकित्सा (Medicine), समाज सेवा (Social Work), विज्ञान एवं इंजीनियरिंग (Science and Engineering), लोक मामले (Public Affairs) तथा व्यापार एवं उद्योग (Trade and Industry) जैसे विविध क्षेत्रों में बहुमूल्य एवं विशिष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष इन पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस (Republic Day) की पूर्व संध्या पर की जाती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
स्थापना और इतिहास: पद्म पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी। शुरुआत में इन्हें ‘पहला वर्ग’, ‘दूसरा वर्ग’ और ‘तीसरा वर्ग’ कहा जाता था, जिसे बाद में बदलकर क्रमशः पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री कर दिया गया।
सर्वोच्च नागरिक सम्मान: भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (Bharat Ratna) है, जिसके बाद वरीयता क्रम में क्रमशः पद्म विभूषण (दूसरा), पद्म भूषण (तीसरा) और पद्म श्री (चौथा) का स्थान आता है।
पुरस्कार समिति: पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन प्रक्रिया की जांच ‘पद्म पुरस्कार समिति’ (Padma Awards Committee) द्वारा की जाती है, जिसका गठन प्रतिवर्ष प्रधानमंत्री (Prime Minister) द्वारा किया जाता है।
मंत्रालय और सीमा: यह पुरस्कार गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के तत्वावधान में आते हैं। एक वर्ष में दिए जाने वाले कुल पद्म पुरस्कारों की संख्या (मरणोपरांत और विदेशियों को दिए जाने वाले पुरस्कारों को छोड़कर) 120 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
प्रश्न: वर्ष 2026 में कुल कितने पद्म पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं? उत्तर: वर्ष 2026 में कुल 131 पद्म पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं।
प्रश्न: वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों में कितनी महिलाओं और मरणोपरांत व्यक्तियों को चुना गया है? उत्तर: इस वर्ष पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएँ शामिल हैं, जबकि 16 व्यक्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत (Posthumously) दिया जा रहा है।
प्रश्न: पद्म पुरस्कारों की शुरुआत किस वर्ष हुई थी और इनकी घोषणा कब की जाती है? उत्तर: पद्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी और इनकी घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर की जाती है।
प्रश्न: पद्म पुरस्कार किस मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं और यह किसके द्वारा प्रदान किए जाते हैं? उत्तर: यह पुरस्कार केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अंतर्गत आते हैं और देश के राष्ट्रपति (President) द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
प्रश्न: पद्म पुरस्कार किन-किन श्रेणियों में दिए जाते हैं? उत्तर: यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं: पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा), पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा) और पद्म श्री (विशिष्ट सेवा)।
