
चर्चा में क्यों?
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आज से नई दिल्ली में शुरू हो रही है। विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस बैठक में ब्रिक्स के पूर्णकालिक सदस्यों के साथ-साथ साझेदार देशों (Partner Countries) के प्रतिनिधि भी वैश्विक और क्षेत्रीय कूटनीति पर मंथन करेंगे।
प्रमुख बिंदु
नई दिल्ली में आयोजित हो रही यह बैठक भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता (BRICS Chairship) कर रहा है। बैठक के दौरान सदस्य देशों के विदेश मंत्री पारस्परिक हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों (Global and Regional Issues) पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे।
बैठक के दूसरे दिन का एजेंडा विशेष रूप से केंद्रित रखा गया है। इसमें “ब्रिक्स @20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” (BRICS @20: Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार (Reforming Global Governance and Multilateral System) जैसे गंभीर विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी, जो वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में विकासशील देशों की आवाज़ को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
इस बैठक में भाग लेने के लिए ईरान, थाईलैंड, क्यूबा, वियतनाम, मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ राजनयिक पहले ही नई दिल्ली पहुँच चुके हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक 26 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के इतर आयोजित की गई थी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
स्थापना और विस्तार: ब्रिक्स की स्थापना 2006 में (शुरुआत में BRIC) हुई थी। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह BRICS बना। 2024 में इसका विस्तार कर इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और यूएई जैसे देशों को शामिल किया गया।
प्रथम शिखर सम्मेलन: ब्रिक्स का पहला औपचारिक शिखर सम्मेलन 16 जून 2009 को येकातेरिनबर्ग (Yekaterinburg), रूस में आयोजित किया गया था।
न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): ब्रिक्स देशों ने वर्ष 2014 में फोर्टालेजा शिखर सम्मेलन (Fortaleza Summit) के दौरान ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ की स्थापना की थी, जिसका मुख्यालय शंघाई (Shanghai), चीन में है।
अध्यक्षता का क्रम: ब्रिक्स की अध्यक्षता प्रतिवर्ष सदस्य देशों के नाम के वर्णानुक्रम (Acronym Order – B-R-I-C-S) के अनुसार बदलती रहती है। वर्ष 2026 की अध्यक्षता भारत (India) के पास है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
वर्ष 2026 में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कौन सा शहर कर रहा है? वर्ष 2026 में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी नई दिल्ली, भारत द्वारा की जा रही है।
ब्रिक्स @20 (BRICS @20) सत्र का मुख्य विषय क्या है? इसका मुख्य विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) है।
ब्रिक्स (BRICS) में शामिल नए सदस्य देश कौन से हैं? हालिया विस्तार के बाद इसमें ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इथियोपिया और मिस्र जैसे देश शामिल हुए हैं।
भारत ने 2026 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता किससे ग्रहण की थी? भारत ने वर्ष 2026 की अध्यक्षता के लिए कमान 2025 के अध्यक्ष (ब्राजील/रूस के रोटेशन के अनुसार) से प्राप्त की थी।
ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित बैंक का क्या नाम है? ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित बैंक का नाम ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ (New Development Bank – NDB) है।
