
चर्चा में क्यों?
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (Ministry of Environment, Forest and Climate Change) ने घोषणा की है कि भारत इस वर्ष पहले ‘इंटरनेशनल बिग कैट अलाइंस’ (IBCA) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन से पूर्व, मंत्रालय देश भर में विशेष कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित कर रहा है ताकि विशाल बिल्लियों (Big Cats) के संरक्षण और आईबीसीए के लक्ष्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
प्रमुख बिंदु
भारत अपनी संरक्षण संबंधी उपलब्धियों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए तैयार है। इस क्रम में गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और महाराष्ट्र जैसे विभिन्न राज्यों में विषयगत कार्यक्रमों (Thematic Programs) का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य भारत की पांच प्रमुख जंगली बिल्ली प्रजातियों—बाघ (Tiger), एशियाई शेर (Asiatic Lion), तेंदुआ (Leopard), हिम तेंदुआ (Snow Leopard) और चीता (Cheetah) के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना है।
शिखर सम्मेलन के पूर्वगामी कार्यक्रमों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग, संरक्षण के प्रयासों और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। 1 जून 2026 को नई दिल्ली में होने वाले मुख्य शिखर सम्मेलन में विभिन्न सदस्य देशों और पर्यवेक्षक देशों (Observer Countries) के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के शामिल होने की संभावना है। यह गठबंधन विशेष रूप से उन देशों को एक मंच पर लाता है जहाँ ये विशाल बिल्लियाँ प्राकृतिक रूप से पाई जाती हैं, ताकि उनके अवैध शिकार (Poaching) और अवैध व्यापार (Illegal Trade) को रोकने के लिए वैश्विक रणनीति बनाई जा सके।
भारत ने अपनी ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ (Project Tiger) और ‘प्रोजेक्ट लायन’ (Project Lion) जैसी सफलताओं के माध्यम से दुनिया को दिखाया है कि कैसे राजनीतिक इच्छाशक्ति और सामुदायिक भागीदारी से लुप्तप्राय प्रजातियों की आबादी बढ़ाई जा सकती है। इसी अनुभव को अब आईबीसीए के माध्यम से साझा किया जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
IBCA का शुभारंभ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2023 में ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इंटरनेशनल बिग कैट अलाइंस (IBCA) को औपचारिक रूप से लॉन्च किया था।
कुल प्रजातियाँ: आईबीसीए दुनिया की सात प्रमुख विशाल बिल्लियों—बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर (Jaguar) और प्यूमा (Puma) के संरक्षण पर केंद्रित है।
मुख्यालय: आईबीसीए का मुख्यालय भारत में स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिसे भारत सरकार ने शुरुआती पांच वर्षों के लिए वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है।
बाघ गणना: नवीनतम डेटा के अनुसार, भारत दुनिया की लगभग 75% जंगली बाघों की आबादी का घर है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
इंटरनेशनल बिग कैट अलाइंस (IBCA) क्या है?
यह एक वैश्विक गठबंधन है जिसका नेतृत्व भारत कर रहा है। इसका उद्देश्य सात प्रमुख विशाल बिल्ली प्रजातियों का संरक्षण करना और उनके आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पहला आईबीसीए शिखर सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित होगा?
पहला आईबीसीए शिखर सम्मेलन 1 जून, 2026 को नई दिल्ली, भारत में आयोजित किया जाएगा।
भारत किन पांच प्रमुख प्रजातियों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित कर रहा है?
भारत मुख्य रूप से अपने यहाँ पाई जाने वाली पांच प्रजातियों—बाघ, एशियाई शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
शिखर सम्मेलन से पहले किन राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं?
ये कार्यक्रम गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किए जाएंगे।
इस गठबंधन का प्राथमिक लक्ष्य क्या है?
इसका लक्ष्य सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग, ज्ञान साझाकरण और वित्तीय संसाधनों को एकीकृत करना है ताकि विशाल बिल्लियों के अवैध शिकार और व्यापार को खत्म किया जा सके।
