
नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतिम समय में प्रक्षेपण को रोकने का निर्णय लिया है। यह देरी भविष्य के ऐतिहासिक मिशनों की सफलता के लिए अनिवार्य मानी जा रही है।
1. मिशन क्यों टाला गया?
हाइड्रोजन लीक: क्रायोजेनिक ईंधन भरने के परीक्षण (Wet Dress Rehearsal) के दौरान ‘टेल सर्विस मास्ट अंबिलिकल’ के इंटरफेस पर तरल हाइड्रोजन का रिसाव पाया गया।
खराब मौसम: इससे पहले, फ्लोरिडा में अत्यधिक ठंड और तेज हवाओं के कारण लॉन्च को पहले ही 6 फरवरी से बढ़ाकर 8 फरवरी किया गया था।
सुरक्षा प्रोटोकॉल: चूंकि हाइड्रोजन अत्यधिक ज्वलनशील है, इसलिए नासा ने रिसाव को ठीक करने के लिए मार्च में एक और ‘वेट ड्रेस रिहर्सल’ करने का फैसला किया है।
2. अंतरिक्ष यात्रियों पर प्रभाव
मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री— रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—जो 21 जनवरी से क्वारंटीन में थे, उन्हें अब कुछ समय के लिए रिहा कर दिया जाएगा।
वे अब अपने परिवारों के साथ समय बिता सकेंगे और मार्च में संभावित लॉन्च से दो सप्ताह पहले फिर से क्वारंटीन में लौटेंगे।
3. आर्टेमिस II का महत्व और भविष्य का रोडमैप
यह मिशन चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाने की नासा की वृहद योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है:
| मिशन | संभावित समय | मुख्य लक्ष्य |
| आर्टेमिस II | मार्च 2026 | 10 दिन का चंद्र फ्लाईबाई (चंद्रमा के चारों ओर मानव चक्कर)। |
| आर्टेमिस III | 2027 | चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार इंसानों को उतारना। |
4. तकनीकी शब्दावली का अर्थ
क्रायोजेनिक ईंधन: इसमें तरल हाइड्रोजन और तरल ऑक्सीजन का उपयोग होता है, जो अत्यधिक ठंडे तापमान पर रखे जाते हैं।
वेट ड्रेस रिहर्सल: लॉन्च से पहले किया जाने वाला एक पूर्ण अभ्यास जिसमें रॉकेट में वास्तविक ईंधन भरा जाता है और काउंटडाउन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
अंबिलिकल इंटरफेस: यह रॉकेट और लॉन्च टॉवर के बीच का कनेक्शन पॉइंट है जिसके जरिए ईंधन और डेटा का आदान-प्रदान होता है।
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