
हांगकांग की संस्था डेज़न शिरा एंड एसोसिएट्स द्वारा जारी यह रिपोर्ट एशिया की 11 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच विनिर्माण क्षमता की तुलना करती है। (Asia Manufacturing Index 2026)
1. रैंकिंग का संक्षिप्त विवरण
भारत इस सूचकांक में मध्यम श्रेणी में बना हुआ है, जबकि कुछ दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों ने अपनी स्थिति में काफी सुधार किया है।
| रैंक | देश | मुख्य विशेषताएं |
| 1 | चीन | विशाल पैमाना और एकीकृत आपूर्ति शृंखला (Supply Chain) के कारण शीर्ष पर। |
| 2 | मलेशिया | पहली बार दूसरे स्थान पर, बेहतर व्यापार नीति और कार्यबल के कारण। |
| 3 | वियतनाम | विनिर्माण निवेश के लिए पसंदीदा केंद्र, हालांकि पिछली बार से थोड़ा नीचे। |
| 4 | सिंगापुर | उच्च नवाचार और तकनीकी अवसंरचना। |
| 5 | दक्षिण कोरिया | उन्नत तकनीक और नवाचार में अग्रणी। |
| 6 | भारत | मजबूत आर्थिक विकास, लेकिन बुनियादी ढांचे और कर नीति में चुनौतियाँ। |
2. सूचकांक के 8 प्रमुख स्तंभ (The 8 Pillars)
इस रैंकिंग को तैयार करने के लिए 43 उप-मापदंडों को इन 8 श्रेणियों में परखा जाता है:
अर्थव्यवस्था: जीडीपी वृद्धि और बाजार का आकार।
राजनीतिक जोखिम: नीतिगत स्थिरता।
व्यावसायिक वातावरण: ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business)।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार: निर्यात क्षमता और व्यापारिक समझौते।
कर नीति (Tax Policy): कॉर्पोरेट टैक्स और प्रोत्साहन।
अवसंरचना (Infrastructure): बंदरगाह, बिजली और सड़क संपर्क।
कार्यबल (Workforce): कुशल श्रम और उनकी लागत।
नवाचार (Innovation): अनुसंधान और नई तकनीक को अपनाना।
3. भारत की स्थिति: अवसर और चुनौतियाँ
भारत का छठा स्थान यह संकेत देता है कि देश के पास अपार क्षमता है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है:
सकारात्मक पहलू: भारत के पास बहुत बड़ा बाजार, युवा कार्यबल और बढ़ती अर्थव्यवस्था है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘पीएलआई (PLI)’ योजनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
चुनौतियाँ: वियतनाम और मलेशिया की तुलना में भारत की रसद लागत (Logistics Cost) अधिक है। इसके अलावा, कर संरचना की जटिलता और विनिर्माण अवसंरचना (Infrastructure) को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है।
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