
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में साइबर धोखाधड़ी से निपटने और इसके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को ध्वस्त करने पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा अब सीधे देश की सुरक्षा से जुड़ा विषय बन चुकी है और इससे निपटना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
गृह मंत्री ने बताया कि सरकार ने साइबर अपराध (cyberfraud) पर अंकुश लगाने के लिए कई ठोस पहल शुरू की हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) आज साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। उन्होंने नागरिकों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने जानकारी दी कि 30 नवंबर 2025 तक साइबर अपराध से जुड़े 82 लाख मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 1.84 लाख शिकायतों पर एफआईआर दर्ज की गई है तथा अनेक मामलों का समाधान किया जा चुका है। वर्तमान में 795 संस्थान—जिनमें बैंक, फिनटेक कंपनियां, एनबीसी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शामिल हैं—I4C से जुड़े हुए हैं।
इस मौके पर अमित शाह ने सीबीआई की नई साइबर अपराध शाखा और गृह मंत्रालय के राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र डैशबोर्ड का भी शुभारंभ किया।
सम्मेलन का उद्देश्य देश में साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते दायरे, उसके रुझानों और बदलते तरीकों पर साझा समझ विकसित करना है। यह दो दिवसीय सम्मेलन सीबीआई द्वारा गृह मंत्रालय के I4C के सहयोग से आयोजित किया गया है।
