Electoral Roll Revision 2026: निर्वाचन आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण की घोषणा की

Electoral Roll Revision 2026

चर्चा में क्यों?

भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने हाल ही में मतदाता सूचियों की सटीकता और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत की है। यह अभियान मुख्य रूप से 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य पात्र नागरिकों का पंजीकरण करना और मतदाता सूची से त्रुटियों को हटाना है।

प्रमुख बिंदु

निर्वाचन आयोग (Election Commission) द्वारा घोषित यह अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तीसरे चरण (Third Phase) के दायरे में आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब और उत्तराखंड जैसे प्रमुख राज्यों के साथ-साथ पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्य शामिल किए गए हैं। केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में इस प्रक्रिया को लागू किया जाएगा।

इस पुनरीक्षण कार्यक्रम (Revision Programme) का मुख्य उद्देश्य 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि (Qualifying Date) के आधार पर मतदाता सूची को अद्यतन करना है। इसके तहत नए मतदाताओं, विशेषकर युवाओं (18-19 आयु वर्ग), का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, मृत मतदाताओं या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके व्यक्तियों के नाम हटाने और मौजूदा प्रविष्टियों में सुधार (Correction) की सुविधा प्रदान की जाएगी। आयोग ने निर्देश दिया है कि बूथ स्तर के अधिकारी (Booth Level Officers – BLOs) घर-घर जाकर सत्यापन (Field Verification) करेंगे ताकि शत-प्रतिशत शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):

  • भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI): इसकी स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी, इसीलिए प्रतिवर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters’ Day) मनाया जाता है।

  • संवैधानिक प्रावधान: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 से 329 तक निर्वाचन आयोग की शक्तियों, कार्य और कार्यकाल का वर्णन है।

  • मतदान की आयु: 61वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1988 के द्वारा मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई थी।

  • निर्वाचन आयुक्त: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

  1. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका उद्देश्य मतदाता सूची (Electoral Roll) को अद्यतन करना, नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना और सूची से अशुद्धियों को दूर करना है।

  2. तीसरे चरण में कुल कितने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं? इस चरण में कुल 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल किए गए हैं।

  3. मतदाता पंजीकरण के लिए वर्तमान में अर्हता तिथि (Qualifying Date) क्या मानी जाती है? वर्तमान नियमों के अनुसार, वर्ष में चार अर्हता तिथियां (1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर) होती हैं। इस अभियान में मुख्य फोकस 1 जनवरी पर है।

  4. निर्वाचन आयोग किस संवैधानिक निकाय के अंतर्गत कार्य करता है? निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण (Autonomous Constitutional Authority) है जो भारत में चुनाव प्रक्रियाओं के संचालन के लिए उत्तरदायी है।

  5. क्या केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह अभियान चलाया जा रहा है? हाँ, तीसरे चरण में दिल्ली, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव जैसे केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।

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