
नई दिल्ली में पांच दिवसीय इंडिया-एआई इम्पैक्ट सम्मेलन-2026 (India-AI Impact Summit-2026) की शुरुआत हो चुकी है। यह आयोजन न केवल तकनीक बल्कि कूटनीति के लिहाज से भी एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
प्रमुख बिंदु और सम्मेलन की विशेषताएं:
ऐतिहासिक उपलब्धि: यह किसी भी विकासशील देश द्वारा आयोजित किया जाने वाला अपनी तरह का पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है, जो भारत को तकनीक के क्षेत्र में एक विश्व गुरु के रूप में पेश करता है।
ग्लोबल नेटवर्किंग: सम्मेलन में विश्व स्तर पर 100 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया है। जनभागीदारी का आलम यह है कि अब तक 2 लाख से अधिक लोग अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
वैश्विक नेतृत्व की मौजूदगी: इस शिखर सम्मेलन में फ्रांस, ब्राजील, स्पेन, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात सहित 20 देशों के शीर्ष नेता शिरकत कर रहे हैं। साथ ही, 45 से अधिक देशों के मंत्री और संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल हो रहे हैं।
रणनीतिक उद्देश्य: भारत का लक्ष्य इस मंच के जरिए खुद को वैश्विक एआई सहयोग के एक मुख्य सूत्रधार (Convener) के रूप में स्थापित करना है, ताकि एआई के विकास के लिए साझा मानक और सहयोगी ढांचे तैयार किए जा सकें।
तीन मुख्य स्तंभ (3Ps): यह पूरा सम्मेलन तीन मूलभूत सिद्धांतों पर टिका है:
लोग (People)
ग्रह (Planet)
प्रगति (Progress)
विषयगत चर्चाएँ (सात चक्र): सम्मेलन की पूरी कार्ययोजना सात विशेष थीम पर आधारित है, जिसमें एआई सुरक्षा, समावेशी विकास, विज्ञान में एआई का उपयोग, संसाधनों का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक उन्नति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
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