MSME Amendment Bill 2026: संसद से पारित हुआ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026

MSME Amendment Bill 2026: संसद से पारित हुआ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026

चर्चा में क्यों?

हाल ही में 7 अगस्त 2026 को लोकसभा (Lok Sabha) की मंजूरी मिलने के साथ ही ‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026’ (MSME Development Amendment Bill 2026) संसद से पूरी तरह पारित हो गया है। राज्यसभा इसे पहले ही 3 अगस्त 2026 को पारित कर चुकी थी।

प्रमुख बिंदु:

* केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 (MSME Development Act 2006) में संशोधन संबंधी यह विधेयक पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
* इस ऐतिहासिक विधेयक का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के भुगतान में होने वाली लंबी देरी को दूर करना और विवाद निपटान प्रक्रिया (Dispute Resolution Process) को और अधिक सरल व प्रभावी बनाना है।
* नए प्रावधानों के तहत अब सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) को एमएसएमई से खरीदे गए सामान और सेवाओं के सभी बिलों का भुगतान ‘ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम’ (TReDS) प्लेटफॉर्म के माध्यम से करना अनिवार्य होगा।
* भुगतान से जुड़े किसी विवाद में यदि मध्यस्थता (Mediation) विफल हो जाती है, तो मध्यस्थता समाप्त होने की तिथि से 30 दिन के अंदर मामले को आर्बिट्रेशन (Arbitration) के लिए भेजना आवश्यक होगा।
* विधेयक में इस बात को अनिवार्य किया गया है कि दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के 90 दिन के भीतर मध्यस्थता का अंतिम निर्णय (Arbitral Award) जारी कर दिया जाना चाहिए।
* एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं (Suppliers) को वित्तीय राहत देने के लिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई मामला 6 महीने से अधिक समय तक लंबित रहता है, तो आपूर्तिकर्ता को दिए गए निर्णय की कुल राशि का कम से कम 50 प्रतिशत भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):

* MSME का पूर्ण रूप: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (Micro, Small and Medium Enterprises)।
* भारत के वर्तमान एमएसएमई मंत्री: केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री श्री जीतन राम मांझी हैं।
* TReDS प्लेटफॉर्म: यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा संचालित एक ऐसा डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मंच है, जो एमएसएमई के व्यापार प्राप्य (Trade Receivables) की नीलामी और उन्हें तुरंत नकदी में बदलने की सुविधा देता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

प्रश्न 1. हाल ही में संसद द्वारा पूर्ण रूप से पारित MSME विकास (संशोधन) विधेयक 2026 (MSME Development Amendment Bill 2026) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में होने वाले रुके हुए भुगतानों की समस्या को दूर करना और विवाद निपटान (Dispute Resolution) प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना है।

प्रश्न 2. केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) के लिए एमएसएमई भुगतानों के संबंध में क्या नया नियम लागू किया गया है?
उत्तर: नए नियम के अनुसार, सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को एमएसएमई से की गई खरीद के बिलों का भुगतान TReDS (ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम) के माध्यम से करना अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रश्न 3. नए एमएसएमई संशोधन बिल के अनुसार आर्बिट्रेशन का फैसला कितने समय में आना अनिवार्य है?
उत्तर: विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, दलीलें पूरी होने के 90 दिनों के भीतर आर्बिट्रेशन (Arbitration) का अंतिम निर्णय जारी करना अनिवार्य होगा।

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