
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के तहत काम करने वाले सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स (केयर) ने भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु के साथ मिलकर एक अत्याधुनिक मॉलिक्यूलर न्यूरोमॉर्फिक मेमोरी ऐरे (Neuromorphic computing) विकसित किया है। यह तकनीक भविष्य की ब्रेन-लाइक कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
डॉ. मलिक कुमार ने बताया कि यह मेमोरी ऐरे एनालॉग डोमेन में काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे दिमाग की तरह अत्यंत कुशल और तेज़ कंप्यूटिंग संभव हो सके।
इस परियोजना का उद्देश्य इंसानी दिमाग के कंप्यूटेशनल प्रोसेस की नकल करना है और यह अपनी तरह की दुनिया की पहली पहल है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और रक्षा प्रणालियों को नई दिशा दे सकती है।
