
भारत ने इस साल अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए वैश्विक यात्रा स्वतंत्रता की सूची में लंबी छलांग लगाई है।
1. भारत की स्थिति: 85वें से 80वें स्थान पर (New global ranking of Indian passport)
रैंकिंग: भारत अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट्स की सूची में 80वें स्थान पर है।
सुधार: पिछले वर्ष (2025) भारत 85वें स्थान पर था, यानी इस बार भारत ने 5 पायदानों का सुधार किया है।
पहुँच: भारतीय पासपोर्ट धारक अब दुनिया के 55 गंतव्यों (Destinations) में बिना किसी पूर्व वीज़ा (Visa-free), वीज़ा-ऑन-अराइवल या ई-वीज़ा के यात्रा कर सकते हैं।
2. दुनिया के शीर्ष 10 शक्तिशाली पासपोर्ट (2026)
एशियाई देशों ने एक बार फिर इस सूची में अपना दबदबा कायम रखा है।
| रैंक | देश | वीज़ा-मुक्त पहुँच (गंतव्य) |
| 1 | सिंगापुर | 192 |
| 2 | जापान, दक्षिण कोरिया | 188 |
| 3 | डेनमार्क, लक्ज़मबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड | 186 |
| 4 | फ्रांस, इटली, जर्मनी, नॉर्वे, नीदरलैंड (कुल 10 देश) | 185 |
| 5 | हंगरी, पुर्तगाल, यूएई (UAE) | 184 |
| 10 | संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) | 179 |
विशेष नोट: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हाल के वर्षों में सबसे तेज प्रगति की है और अब वह 5वें स्थान पर पहुँच गया है। अमेरिका भी टॉप 10 में अपनी स्थिति बनाए हुए है।
3. भारतीय नागरिकों के लिए लोकप्रिय वीज़ा-मुक्त गंतव्य
55 देशों की सूची में कुछ सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल शामिल हैं:
एशिया: भूटान, नेपाल, इंडोनेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका, मलेशिया, कतर।
अन्य: मॉरीशस, फिजी, जमैका, केन्या (ई-वीज़ा/ETA सुविधा के साथ)।
4. रैंकिंग कैसे तय होती है?
यह सूचकांक इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के विशेष आंकड़ों पर आधारित होता है।
मानदंड: किसी देश के पासपोर्ट को उतने अंक मिलते हैं, जितने देशों में उसके नागरिक बिना वीज़ा के प्रवेश कर सकते हैं।
महत्व: यह रैंकिंग किसी देश के अंतरराष्ट्रीय संबंधों, सुरक्षा स्थिति और आर्थिक प्रभाव को दर्शाती है।
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