UN Military Gender Advocate Award 2025: भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को मिला प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार

UN Military Gender Advocate Award 2025

चर्चा में क्यों?

लेबनान (Lebanon) में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा मिशन (UN Peacekeeping Mission) में कार्यरत भारतीय सेना की अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक को ‘2025 संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक समानता समर्थक पुरस्कार’ (2025 UN Military Gender Advocate of the Year Award) के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि वैश्विक शांति अभियानों में भारत के महत्वपूर्ण योगदान और महिला सशक्तिकरण को रेखांकित करती है।

प्रमुख बिंदु

मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (United Nations Interim Force in Lebanon – UNIFIL) के तहत भारतीय बटालियन (Indian Battalion) में महिला सहभागिता दल (Female Engagement Team) की कमांडर के रूप में अपनी उत्कृष्ट सेवाएँ दे रही हैं। उनका यह चयन संघर्षरत क्षेत्रों में लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देने और स्थानीय महिलाओं के साथ समन्वय स्थापित करने में उनके उल्लेखनीय योगदान को दर्शाता है।

विशेष रूप से, मेजर बराक भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट (First Woman Combat Helicopter Pilot) भी हैं, जो उनके साहसिक सैन्य करियर का एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। वह इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान को प्राप्त करने वाली तीसरी भारतीय शांतिरक्षक (Indian Peacekeeper) बन गई हैं। गौरतलब है कि उनसे पहले यह सम्मान वर्ष 2019 में मेजर सुमन गवानी (Major Suman Gawani) और वर्ष 2023 में मेजर राधिका सेन (Major Radhika Sen) को प्रदान किया गया था।

इस वैश्विक पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। यह सम्मान प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों (UN Peacekeeping Operations) में तैनात बल कमांडरों (Force Commanders) और मिशन प्रमुखों द्वारा किए गए नामांकनों में से सर्वश्रेष्ठ अधिकारी को दिया जाता है। ज्ञात हो कि भारत दशकों से वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सैन्य और पुलिस कर्मियों (Troop and Police Contributing Countries) का सबसे बड़ा और विश्वसनीय योगदानकर्ता रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):

  • संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा (UN Peacekeeping): इसकी शुरुआत वर्ष 1948 में हुई थी जब यूएन ने मध्य पूर्व में सैन्य पर्यवेक्षकों को तैनात किया था।

  • अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक दिवस (International Day of UN Peacekeepers): प्रतिवर्ष 29 मई को मनाया जाता है।

  • UNIFIL: लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) की स्थापना मार्च 1978 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा की गई थी।

  • भारत का योगदान: भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे अधिक सैनिक भेजने वाले शीर्ष देशों में शामिल है। भारत ने ही 2007 में लाइबेरिया (Liberia) में पहली बार पूरी तरह से महिलाओं की पुलिस इकाई (All-Female Police Unit) तैनात की थी।

  • संयुक्त राष्ट्र (United Nations): स्थापना – 24 अक्टूबर 1945; मुख्यालय – न्यूयॉर्क (New York); वर्तमान महासचिव – एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres)।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

प्रश्न 1: वर्ष 2025 का ‘संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक समानता समर्थक पुरस्कार’ किसे प्रदान किया गया है? उत्तर: यह पुरस्कार भारतीय सेना की अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक को प्रदान किया गया है।

प्रश्न 2: मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में किस अंतरराष्ट्रीय मिशन में तैनात हैं? उत्तर: वे लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के तहत भारतीय बटालियन में महिला सहभागिता दल की कमांडर के रूप में तैनात हैं।

प्रश्न 3: मेजर बराक यह प्रतिष्ठित यूएन पुरस्कार पाने वाली कौन-सी भारतीय बनी हैं? उत्तर: वह यह सम्मान प्राप्त करने वाली तीसरी भारतीय शांतिरक्षक हैं। उनसे पहले मेजर सुमन गवानी (2019) और मेजर राधिका सेन (2023) को यह पुरस्कार मिल चुका है।

प्रश्न 4: भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट कौन हैं? उत्तर: मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की एविएशन कॉर्प्स (Aviation Corps) में शामिल होने वाली पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट हैं।

प्रश्न 5: संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक समानता समर्थक पुरस्कार की शुरुआत कब हुई थी? उत्तर: शांति अभियानों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी।

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