
विश्व बैंक ने भारत की मजबूत घरेलू मांग और हालिया नीतिगत सुधारों को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए अपने पिछले अनुमानों में सुधार किया है। (World Bank raises GDP growth forecast)
1. जीडीपी (GDP) विकास दर के नए अनुमान
विश्व बैंक ने आगामी तीन वित्त वर्षों के लिए भारत की आर्थिक स्थिति का खाका पेश किया है:
| वित्त वर्ष | विकास दर का अनुमान | टिप्पणी |
| 2025-26 | 7.2% | जून के अनुमान से 0.9% की भारी बढ़ोतरी। |
| 2026-27 | 6.5% | विकास दर में थोड़ी कमी आने की संभावना। |
| 2027-28 | 6.6% | निर्यात और निवेश में तेजी से पुनरुद्धार की उम्मीद। |
2. इस वृद्धि के पीछे के मुख्य कारक (Growth Drivers)
विश्व बैंक ने भारत की इस सकारात्मक वृद्धि के लिए निम्नलिखित कारणों को जिम्मेदार बताया है:
मजबूत घरेलू मांग: भारतीय उपभोक्ताओं द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती मांग ने आर्थिक चक्र को गति दी है।
कर सुधार (Tax Reforms): जीएसटी (GST) और अन्य कर सुधारों के कारण राजस्व में स्थिरता आई है।
सेवा क्षेत्र में उछाल: आईटी, बैंकिंग और पर्यटन जैसे सेवा क्षेत्रों की गतिविधियाँ बहुत मजबूत बनी हुई हैं।
निर्यात में सुधार: वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ी है।
3. भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां
निवेश में तेजी: रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027-28 तक निवेश का माहौल और बेहतर होगा, जिससे विकास दर को फिर से सहारा मिलेगा।
धीमी गति का संकेत: 2026-27 में विकास दर का 6.5% तक गिरना वैश्विक आर्थिक सुस्ती या उच्च आधार प्रभाव (Base Effect) के कारण हो सकता है।
4. तुलनात्मक विश्लेषण: जून 2025 बनाम वर्तमान
विश्व बैंक ने जून 2025 में जो अनुमान लगाया था, उसमें 0.9% की वृद्धि की है। यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने शुरुआती आशंकाओं के मुकाबले कहीं अधिक लचीलापन (Resilience) दिखाया है।
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