Zinc-Air Battery: जिंक-एयर बैटरी के लिए नई नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट तकनीक विकसित

Zinc-Air Battery

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत में जिंक-एयर बैटरी (Zinc-Air Battery) की कार्यक्षमता और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक नया ‘नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट’ (Nanofluid Electrolyte) विकसित किया गया है। तंजावुर स्थित सास्त्रा डीम्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सहयोग से इस अत्याधुनिक तकनीक का निर्माण किया है, जो भविष्य में लिथियम-आयन बैटरियों का एक मजबूत विकल्प और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

प्रमुख बिंदु:

* वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह नई नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट तकनीक, विद्युत रूप से रिचार्ज होने वाली जिंक-एयर बैटरी (Zinc-Air Battery) में अनावश्यक हाइड्रोजन गैस बनने से रोकती है और जिंक के क्षरण (corrosion) को कम करती है।
* इस नए इलेक्ट्रोलाइट में सामान्य सिलिका और जिंक ऑक्साइड के नैनोकणों का उपयोग किया गया है, जिसे सीधे जिंक-एयर बैटरी के निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकता है और यह तीन महीने से अधिक समय तक स्थिर रहता है।
* इस शोध में ‘α-MnO₂’ को एक अत्यधिक प्रभावी उत्प्रेरक (Catalyst) पाया गया है, जिसमें मात्र 2 प्रतिशत तांबा (Copper) मिलाने से इसका प्रदर्शन प्लैटिनम और रूथेनियम जैसे महंगे व्यावसायिक उत्प्रेरकों से भी बेहतर हो जाता है।
* वैज्ञानिकों ने इस जिंक-एयर बैटरी तकनीक के लिए अपशिष्ट जल शोधक (वाटर प्यूरीफायर) और पुराने सर्जिकल फेस मास्क का पुनर्चक्रण (Recycle) करके उच्च क्षमता वाला सक्रिय कार्बन (Active Carbon) भी तैयार किया है।
* इस सुरक्षित और कम लागत वाली नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट तकनीक को आधिकारिक तौर पर भारतीय पेटेंट (IN570691) प्राप्त हो चुका है।
* यह रिचार्जेबल जिंक-एयर बैटरी बड़े पैमाने पर ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण और भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicles) क्षेत्र में महँगी लिथियम-आयन बैटरियों (Lithium-ion Batteries) का एक बेहतरीन, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बन सकती है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):

* जिंक-एयर बैटरी (Zinc-Air Battery): यह एक विशेष प्रकार की बैटरी है जो हवा से ऑक्सीजन लेकर जस्ते (Zinc) के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया द्वारा विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करती है। इसमें जल-आधारित रसायन होने के कारण आग लगने का खतरा नहीं होता, इसलिए यह लिथियम-आयन बैटरी से अधिक सुरक्षित मानी जाती है।
* नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट (Nanofluid Electrolyte): यह एक विशेष तरल पदार्थ है जिसमें नैनो-आकार (अत्यंत सूक्ष्म) के कण मौजूद होते हैं, जो बैटरी के इलेक्ट्रोड के बीच आयनों के प्रवाह को तेज करके बैटरी की क्षमता को बढ़ाते हैं।
* विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST): भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत इस विभाग की स्थापना 1971 में देश में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

प्रश्न 1. हाल ही में जिंक-एयर बैटरी (Zinc-Air Battery) के लिए नई तकनीक किसने विकसित की है?
उत्तर: जिंक-एयर बैटरी के लिए यह नई नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट तकनीक तंजावुर के सास्त्रा डीम्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई है।

प्रश्न 2. जिंक-एयर बैटरी में नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट का मुख्य उपयोग क्या है?
उत्तर: नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट बैटरी में अनावश्यक हाइड्रोजन गैस बनने से रोकता है, जस्ते (Zinc) को खराब होने से बचाता है और कैथोड पर ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रिया को तेज करता है।

प्रश्न 3. भविष्य में कौन सी बैटरी लिथियम-आयन बैटरी (Lithium-ion Battery) का सुरक्षित विकल्प बन सकती है?
उत्तर: विद्युत रूप से रिचार्ज होने वाली जिंक-एयर बैटरी (Zinc-Air Battery) को लिथियम-आयन बैटरी का एक सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प माना जा रहा है।

प्रश्न 4. जिंक-एयर बैटरी के शोध में कौन सा सस्ता उत्प्रेरक (Catalyst) सबसे प्रभावी पाया गया है?
उत्तर: शोध में तांबा (Copper) मिला हुआ α-MnO₂ उत्प्रेरक सबसे प्रभावी पाया गया है, जो महंगे प्लैटिनम उत्प्रेरक से भी बेहतर परिणाम देता है।

JOIN WHATSAPP NOW – CLICK HERE
Download Our App : CLICK HERE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *