CCDB Chair India 2026: भारत को अप्रैल 2028 तक कॉमन क्राइटेरिया डेवलपमेंट बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, भारत (India) को सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी कूटनीतिक व तकनीकी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत को अप्रैल 2028 तक के लिए ‘कॉमन क्राइटेरिया डेवलपमेंट बोर्ड’ (Common Criteria Development Board – CCDB) के अध्यक्ष (Chair) के रूप में नामित किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर आईटी सुरक्षा मानकों को तय करने में देश की बढ़ती भूमिका को प्रमाणित करता है।

प्रमुख बिंदु

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology – MeitY) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण नेतृत्व पद की पुष्टि हाल ही में जापान (Japan) की राजधानी टोक्यो (Tokyo) में आयोजित ‘कॉमन क्राइटेरिया रिकग्निशन अरेंजमेंट’ (Common Criteria Recognition Arrangement – CCRA) की पहली तिमाही की बैठक (Q1 Meeting) के दौरान की गई।

भारत इस प्रतिष्ठित वैश्विक बोर्ड की अध्यक्षता अप्रैल 2028 तक करेगा। यह नियुक्ति दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा (IT Security) अवसंरचना के मानकीकरण और नीतियों के निर्धारण में भारत के तकनीकी नेतृत्व (Technical Leadership) को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा स्वीकार किया जा रहा है।

कॉमन क्राइटेरिया रिकग्निशन अरेंजमेंट (CCRA) मूलतः एक मूलभूत अंतरराष्ट्रीय संधि (International Treaty) है। इस संधि का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों की सीमाओं के पार सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा प्रमाणपत्रों (IT Security Certificates) की पारस्परिक मान्यता (Mutual Recognition) को सक्षम बनाना है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी आईटी उत्पाद को एक सदस्य देश में सुरक्षा प्रमाणित कर दिया जाता है, तो उसे अन्य सभी सदस्य देशों में भी सुरक्षित माना जाएगा, जिससे बार-बार परीक्षण की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

CCDB के अध्यक्ष के तौर पर भारत अब वैश्विक आईटी सुरक्षा मानकों के विकास (Development of IT Security Standards), अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणन प्रक्रियाओं (Certification Processes) के लिए तकनीकी दिशा-निर्देश तैयार करने और सुरक्षित वैश्विक डिजिटल आपूर्ति श्रृंखला (Digital Supply Chain) सुनिश्चित करने में एक निर्णायक और रणनीतिक भूमिका निभाएगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):

कॉमन क्राइटेरिया (Common Criteria – CC): यह कंप्यूटर सुरक्षा और आईटी उत्पादों के मूल्यांकन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक (International Standard – ISO/IEC 15408) है। • CCRA का उद्देश्य: ‘कॉमन क्राइटेरिया रिकग्निशन अरेंजमेंट’ का प्राथमिक लक्ष्य एक ही आईटी उत्पाद के लिए कई देशों में बार-बार सुरक्षा मूल्यांकन करने की लागत और समय को बचाना है। • नोडल मंत्रालय: भारत में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और साइबर सुरक्षा से संबंधित नीतियों का निर्माण और क्रियान्वयन ‘इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय’ (MeitY) द्वारा किया जाता है। • भारतीय नोडल एजेंसी: भारत में साइबर सुरक्षा संबंधी खतरों से निपटने के लिए शीर्ष राष्ट्रीय एजेंसी ‘इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम’ (CERT-In) है, जो MeitY के अंतर्गत कार्य करती है। • जापान (Japan): टोक्यो में CCRA की बैठक आयोजित हुई। जापान की संसद को ‘डाइट’ (Diet) कहा जाता है और इसकी आधिकारिक मुद्रा ‘येन’ (Japanese Yen) है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

प्रश्न: भारत को हाल ही में किस अंतरराष्ट्रीय आईटी सुरक्षा बोर्ड का अध्यक्ष नामित किया गया है? उत्तर: भारत को ‘कॉमन क्राइटेरिया डेवलपमेंट बोर्ड’ (Common Criteria Development Board – CCDB) का अध्यक्ष नामित किया गया है।

प्रश्न: भारत CCDB के अध्यक्ष पद पर कब तक कार्य करेगा? उत्तर: भारत अप्रैल 2028 तक इस प्रतिष्ठित बोर्ड की अध्यक्षता करेगा।

प्रश्न: ‘कॉमन क्राइटेरिया रिकग्निशन अरेंजमेंट’ (CCRA) का मुख्य कार्य क्या है? उत्तर: CCRA का मुख्य कार्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा प्रमाणपत्रों (IT Security Certificates) की पारस्परिक मान्यता (Mutual Recognition) को सक्षम बनाना है।

प्रश्न: भारत के अध्यक्ष पद की पुष्टि CCRA की बैठक में कहाँ की गई थी? उत्तर: भारत के इस नेतृत्व पद की पुष्टि जापान (Japan) के टोक्यो (Tokyo) में आयोजित CCRA की पहली तिमाही की बैठक में की गई।

प्रश्न: भारत में आईटी मानकों और साइबर सुरक्षा के लिए कौन सा केंद्रीय मंत्रालय जिम्मेदार है? उत्तर: भारत में इसके लिए ‘इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय’ (Ministry of Electronics and Information Technology – MeitY) जिम्मेदार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *