
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री की हालिया नॉर्वे यात्रा के दौरान भारत और नॉर्वे के बीच अपतटीय पवन ऊर्जा (Offshore Wind Energy) सहित 5 प्रमुख रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों ने दोनों देशों के बीच हरित ऊर्जा और सतत विकास की दिशा में चल रही ‘हरित रणनीतिक साझेदारी’ (Green Strategic Partnership) को एक नई और मजबूत दिशा प्रदान की है।
प्रमुख बिंदु:
भारत और नॉर्वे के बीच ऊर्जा, पर्यावरण और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पांच अहम समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
सबसे प्रमुख समझौता अपतटीय पवन ऊर्जा (Offshore wind energy) के विकास और इसके तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया गया है।
दोनों देशों ने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने और ‘ब्लू इकोनॉमी’ (Blue Economy) को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष महासागर प्रबंधन समझौते पर मुहर लगाई है।
ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला को विकसित करने के लिए दोनों देशों के बीच एक संयुक्त कार्यबल (Joint Task Force) का गठन किया गया है।
चौथा समझौता अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और पृथ्वी अवलोकन डेटा (Earth Observation Data) को साझा करने से संबंधित है, जिसका उपयोग जलवायु परिवर्तन की निगरानी में किया जाएगा।
पांचवें समझौते के तहत दोनों देश उच्च शिक्षा, कौशल विकास और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश और सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
नॉर्वे ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों का समर्थन करते हुए अपने सॉवरेन वेल्थ फंड (Sovereign Wealth Fund) के माध्यम से भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की है।
यह साझेदारी भारत के वर्ष 2070 तक ‘नेट जीरो’ (Net Zero) कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
नॉर्वे की राजधानी: ओस्लो (Oslo)।
नॉर्वे की मुद्रा: नॉर्वेजियन क्रोन (Norwegian Krone)।
अपतटीय पवन ऊर्जा (Offshore Wind Energy): समुद्र या महासागरों के भीतर पानी में पवन टर्बाइन लगाकर हवा से बिजली उत्पन्न करने की प्रक्रिया को अपतटीय पवन ऊर्जा कहा जाता है, जहाँ हवा की गति मैदानी इलाकों से अधिक तेज होती है।
नेट जीरो लक्ष्य: भारत सरकार ने कॉप-26 (COP26) शिखर सम्मेलन में घोषणा की थी कि भारत 2070 तक कार्बन तटस्थता (Carbon Neutrality) या नेट जीरो का लक्ष्य हासिल कर लेगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
1. भारत और नॉर्वे के बीच हाल ही में कितने रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं?
दोनों देशों के बीच हाल ही में कुल 5 रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
2. इन समझौतों में सबसे प्रमुख फोकस किस ऊर्जा क्षेत्र पर है?
इन समझौतों का सबसे प्रमुख फोकस ‘अपतटीय पवन ऊर्जा’ (Offshore Wind Energy) और ग्रीन हाइड्रोजन पर है।
3. ‘ब्लू इकोनॉमी’ (Blue Economy) का क्या अर्थ है?
ब्लू इकोनॉमी का अर्थ है आर्थिक विकास, बेहतर आजीविका और नौकरियों के लिए समुद्री संसाधनों का सतत (Sustainable) और सुरक्षित उपयोग करना।
