India-UK CETA: वैश्विक आर्थिक नेतृत्व की ओर भारत का बड़ा कदम, व्यापार समझौते हुए लागू

India-UK CETA

चर्चा में क्यों?

भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक ‘व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता’ (CETA) और ‘सामाजिक सुरक्षा पर समझौता’ (DCC) 15 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से लागू हो गए हैं। यह व्यापार समझौता भारत की आर्थिक कूटनीति और वैश्विक जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो किसानों, उद्यमियों और MSMEs के लिए अपार संभावनाएं पैदा करेगा।

प्रमुख बिंदु:

1. भारत-यूके CETA के लागू होने से भारत के लगभग 99% निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में जीरो-ड्यूटी (शुल्क-मुक्त) पहुंच प्राप्त हो गई है।

2. इस समझौते के तहत प्रोसेस्ड फूड, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग गुड्स, लेदर, फुटवियर, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों पर ब्रिटिश टैरिफ को घटाकर शून्य कर दिया गया है।

3. भारत ने भी ब्रिटेन से आयातित कुछ उत्पादों (जैसे ऑटोमोबाइल और स्कॉच व्हिस्की) पर शुल्क में कमी की है, लेकिन डेयरी, अनाज, खाद्य तेल और सेब जैसे संवेदनशील कृषि और घरेलू क्षेत्रों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से पूरी तरह सुरक्षित रखा है।

4. CETA के साथ लागू हुआ ‘डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन’ (DCC) एक सामाजिक सुरक्षा समझौता है, जो ब्रिटेन में अस्थायी रूप से काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को 5 साल तक दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से छूट देगा।

5. इस समझौते से कपड़ा, रत्न और आभूषण, हस्तशिल्प और ऑटो-कंपोनेंट्स जैसे श्रम-गहन (Labour-intensive) क्षेत्रों में तेजी से विकास होगा, जिससे भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।

6. IT, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सहित 137 सेवा उप-क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को ब्रिटेन के बाजार में आसान और सुरक्षित पहुंच मिलेगी।

7. इस ऐतिहासिक समझौते को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति देने के साथ-साथ वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):

1. CETA का पूर्ण रूप: कॉम्प्रीहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (Comprehensive Economic and Trade Agreement)।

2. DCC का पूर्ण रूप: डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन (Double Contribution Convention) – यह दोनों देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा समझौता है।

3. लागू होने की तिथि: भारत-यूके CETA और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से लागू हुए।

4. मुक्त व्यापार समझौता (FTA): FTA दो या दो से अधिक देशों के बीच एक समझौता है जो आयात और निर्यात में बाधाओं (जैसे टैरिफ या कोटा) को कम करता है या समाप्त करता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

प्रश्न 1. हाल ही में भारत ने किस देश के साथ CETA (व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता) लागू किया है?
उत्तर: भारत ने यूनाइटेड किंगडम (UK) के साथ CETA लागू किया है।

प्रश्न 2. भारत-यूके CETA किस तारीख से प्रभावी हुआ है?
उत्तर: यह समझौता 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है।

प्रश्न 3. CETA के तहत भारत के कितने प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुँच मिली है?
उत्तर: इस समझौते के तहत भारत के लगभग 99% निर्यात को ब्रिटेन में जीरो-ड्यूटी (शुल्क-मुक्त) पहुँच मिली है।

प्रश्न 4. डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन (DCC) का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर: यह ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को 5 साल तक दोहरे सामाजिक सुरक्षा कर (Social Security Tax) के भुगतान से छूट प्रदान करता है।

प्रश्न 5. भारत ने किन घरेलू क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखकर सुरक्षित किया है?
उत्तर: भारत ने अपने किसानों और उत्पादकों को बचाने के लिए डेयरी, अनाज, दालें और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को इससे बाहर रखा है।

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